केन्द्रीय मंत्री जोशी ने कहा- एल्यूमिनियम उद्योग के CPP के कोयला भंडार में आया है उतार- चढ़ाव

कोयला मंत्री ने बताया कि एल्यूमिनियम उद्योग आयात माध्यम से भी कोयले की अपनी मांग पूरी करता है, जिसके लिए पोर्ट पर रेलवे रैक उपलब्ध कराए जाते हैं।

नई दिल्ली। केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने स्वीकार किया है कि एल्यूमिनियम क्षेत्र के विभिन्न केप्टिन विद्युत संयंत्रों में मांग- आपूर्ति परिदृश्य के आधार पर कोयले के भंडार में उतार- चढ़ाव की स्थिति बनी है।

एल्यूमिनियम उद्योग को कोयले की आपूर्ति के सवाल पर लोकसभा में श्री जोशी ने बताया कि गैर विद्युत क्षेत्र (एल्यूमिनियम उद्योग सहित) को कोयले की आपूर्ति रेलवे रैक तथा सड़क आदि जैसे अन्य माध्यमों से की जाती है।

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कोल इंडिया लिमिटेड ने गैर विद्युत क्षेत्र को वर्ष 2021- 22 (फरवरी 22 तक) में 112.04 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति की है। सीआईएल से गैर विद्युत क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति वर्ष 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में क्रमशः 102.83, 106.38 तथा 116.4 मिलियन टन थी।

कोयला मंत्री ने बताया कि एल्यूमिनियम उद्योग आयात माध्यम से भी कोयले की अपनी मांग पूरी करता है, जिसके लिए पोर्ट पर रेलवे रैक उपलब्ध कराए जाते हैं।

प्रल्हाद जोशी ने कहा कि नाल्को के संयंत्र में कोयला भंडार 10 दिनों के स्तर तक गिरा है। कोयले की कमी का सामना कर रहे बालको के मामले में उन्होंने कहा कि यहां कोयला भंडार में सितंबर 2021 में 3 से 4 दिनों के स्तर से वर्तमान 9 से 10 दिनों के स्तर तक सुधार हुआ है।

केन्द्रीय मंत्री ने दावे के साथ कहा कि देश के ताप विद्युत संयंत्रों में पर्याप्त कोयला भंडार है। विद्युत उत्पादन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए नियमित आपूर्ति की जा रही है।

विद्युत क्षेत्र को आपूर्ति बढ़ाने के लिए सीआईएल ने हाल ही में एल्यूमिनियम उद्योग सहित विभिन्न गैर विनियमित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को कोयले की दीर्घकालीन आपूर्ति के लिए गैर विनियमित क्षेत्र लिंकेज नीलामी (दौर 5) आयोजित की है, जिसमें लगभग 50 मिलियन टन वार्षिक संविदागत मात्रा बुक की गई है।

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इसके अलावा कोयला कंपनियों द्वारा विभिन्न उद्योगों की मांग को पूरा करने के लिए कोयले की नियमित रूप से ई- नीलामी भी आयोजित की जा रही है।

चालू वित्त वर्ष में फरवरी 22 तक गैर विद्युत क्षेत्र को लगभग 84 मिलियन टन कोयले की पेशकश की गई, जिसमें से ई- नीलामी विंडो के माध्यम से लगभग 59 मिलियन टन कोयला बुक किया गया है।

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