अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का आगाज

कोल इंडिया के विरुद्ध आंदोलन की रूपरेखा फरवरी में नागपुर में आयोजित हुए अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के 19वें त्रैवार्षिक अधिवेशन में तय की गई थी

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कोरबा, 22 जुलाई। भारतीय मजदूर संघ (BMS) से सम्बद्ध अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (ABKMS) विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने जा रहा है। आंदोलन का आगाज 24 जुलाई को होगा।

कोल इंडिया के विरुद्ध आंदोलन की रूपरेखा फरवरी में नागपुर में आयोजित हुए अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के 19वें त्रैवार्षिक अधिवेशन में तय की गई थी। कोल कर्मियों की समस्याओं सहित कोल सेक्टर से जुड़े 13 मुद्दों को लेकर किए जा रहा यह आंदोलन बीएमएस के कोल प्रभारी के. लक्ष्मा रेड्डी के नेतृत्व मेंं किया जाएगा। इस संदर्भ में बीएमएस नेता मजरूल हक अंसारी ने बताया कि आंदोलन को लेकर सभी स्तर की तैयारी पूरी कर ली गई है।

आंदोलन कार्यक्रम की रुपरेखा

  •  प्रथम चरण : 24 जुलाई 2025 से 31 जुलाई 2025 तक कोल इंडिया / सिंगरेनी कोलियरिज /एन.एल.सी.आई.एल के सभी खदानों के मुख्य द्वार पर एवं कंपनी मुख्यालय के मुख्य द्वार पर पिट मीटिंग/गेट मीटिंग की जाएगी।
  • द्वितीय चरण : 5 अगस्त 2025 से 14 अगस्त 2025 तक प्रत्येक क्षेत्र और उसकी खदान एवं खदानों के आस-पास के परिसर और आस-पास के गांव में जनसंपर्क कर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
  • तृतीय चरण : 25 अगस्त से 5 सितम्बर 2025 तक सभी क्षेत्र/सभी कंपनी में नुक्कड़ सभा, पब्लिक मीटिंग, प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी।
  • चतुर्थ चरण : 15 सितम्बर 2025 को कोल इंडिया/सिंगरेनी कोलियरिज लिमिटेड/एन.एल.सी.आई.एल के सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

यह है मांगे

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  • कोयला उद्योग की सभी कंपनियों में नियमित कामगारों की संख्या दिन-प्रतिदिन घटती जा रही है, अतः नियमित गैर अधिकारी कर्मचारियों की भर्ती यथाशीघ्र किया जाए।
  • कोयला उत्पादन में नियमित कर्मचारियों की भागीदारी न्यूनतम 50 प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए।
  • कोल इंडिया की सभी अनुषांगिक कंपनी एवं सिंगरेनी, नैवेली में कार्यरत सभी ठेका और आउटसोर्सिंग मजदूरों को एच.पी.सी वेजेस, सामाजिक सुरक्षा, आवासीय व्यवस्था, जॉब सुरक्षा एवं सालाना बोनस (पी.एल.आर) के नियमित भुगतान का पुख्ता क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
  • कोल कंपनियों में सुरक्षा नियमों के धड़ल्ले से हो रहे उल्लंघन पर रोक लगाया जाए एवं सुरक्षा नियमों का शत-प्रतिशत पालन किया जाए। अंधाधुंध उत्पादन टारगेट से हो रहे प्रदुषण एवं असुरक्षित माइनिंग पर यथाशीघ्र अंकुश लगाया जाए।
  • सी.एम.पी.एफ संगठन को सुचरित किया जाए। सेवानिवृत्त कर्मियों की संपूर्ण समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए ईपीएफ की तर्ज पर 15,000 रुपए पर वित्त मंत्रालय द्वारा 1.16 प्रतिशत का अंशदान पेंशन स्कीम में जमा किया जाए। सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को न्यूनतम पेंशन 1000 रुपए प्रति माह शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए एवं आदेश की तारीख से एरियर्स का भुगतान किया जाए।
  • कोल इंडिया और उसकी सभी अनुषांगिक कंपनी में एवं सिंगरेनी और नैवेली में मल्टी-स्पेशालिटी अस्पताल का निर्माण किया जाए। सेवानिवृत्त कर्मियों के सीपीआरएमएस स्कीम में कैशलेस इलाज सुनिश्चित किया जाए और सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को स्मार्ट कार्ड यथाशीघ्र प्रदान किया जाए।
  • कोल इंडिया के सभी अनुषांगिक कंपनी में एक जैसा सदस्यता सत्यापन/चेक ऑफ सिस्टम, आई.आर. प्रणाली सुनिश्चित की जाएगी।
  • कोल इंडिया मुख्यालय में मानव संसाधन विभाग के प्रशासन और कोल इंडिया की कुछ अनुषांगिक कंपनी के प्रशासन में प्रक्षालन करते हुए कार्य कुशलता बढाई जाए। पक्षपाती रवैये को यथाशीघ्र बंद किया जाए।
  • रिस्ट्रिक्टेड सर्टिफिकेट धारक माइनिंग संवर्ग के गैर अधिकारी से अधिकारी वर्ग में पदोन्नति हेतु अपनाए जा रहे पॉलिसी में आवश्यक सुधार किया जाए। कोल इंडिया की कैडर स्कीम में सुधार करते हुए सभी कर्मियों की पदोन्नति नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए।
  • कोल इंडिया को मिले खदानों में MDO/100 प्रतिशत आउटसोर्सिंग तथा Profit Sharing पर तत्काल रोक लगाई जाए।
  • कोल इंडिया में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए सभी अनुषांगिक कंपनियों में कार्यरत महिला संवर्ग के लिये कार्यस्थल पर अलग प्रसाधन गृह, पीने का पानी, क्रेच रूम, महिला सुरक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाए जाए।
  • भूमि अधिग्रहण पॉलिसी में आवश्यक सुधार कर पूरे कोल इंडिया में एक समान सरल पॉलिसी अपनाई जाए।
  • कोल इंडिया एवं उसकी सभी अनुषांगिक कंपनियों में APEX JCC/JCC/WELFARE/SAFETY जैसे मुख्य बोर्ड समितियों की बैठके नियमित रूपसे आहुत कि जाए एवं बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
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