कोरबा, 15 सितम्बर। मानकीकरण समिति के सदस्य सुजीत सिंह ने कहा कि कोयला कामगारों को सम्मानजनक बोनस मिले, इसके लिए सभी यूनियन को एक राय बनानी होगी।
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अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (ABKMS) के महामंत्री और CIL जेबीसीसीआई मानकीकरण समिति के सदस्य सुजीत सिंह ने कहा प्रयास होगा कि 22 सितम्बर को बैठक में जाने से पहले चारों यूनियन की आपस में चर्चा हो जाए। एक राय और एकरूपता के साथ प्रबंधन के साथ परफार्मेंस लिंक्ड रिवार्ड (PLR) यानी बोनस को लेकर बातचीत करना कहीं अधिक उचित होगा। उन्होंने कहा कि बीएमएस चाहता है कि कामगारों को सम्मानजनक बोनस का भुगतान हो।
industrialpunch.com से चर्चा करते हुए सुजीत सिंह ने कहा कि नियमित कामगारों का पीएलआर तय करने से पहले कोयला ठेका कर्मिंयों (coal contract workers) के बोनस को लेकर ठोस चर्चा की जाएगी। कोल इंडिया प्रबंधन ठेका श्रमिकों को बोनस भुगतान का आदेश जारी तो कर देता है, लेकिन ठेका कंपनियां उन्हें भुगतान नहीं करती हैं। बड़ी संख्या में ऐसे ठेका कामगार हैं जो बोनस से वंचित कर दिए जाते हैं। सीआईएल प्रबंधन से ठेका श्रमिकों के बोनस के मोड ऑफ पेमेंट (Mode of Payment) को लेकर बात की जाएगी। प्रयास होगा कि प्रबंधन एक ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे ठेका श्रमिकांं को सीधे बोनस का भुगतान किया जा सके।
अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के महामंत्री और जेबीसीसीआई मानकीकरण समिति के सदस्य सुजीत सिंह ने कहा कि बोनस के पैटर्न पर किसी भी प्रकार का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रबंधन ने पहले बदलाव की कोशिश की थी, लेकिन यूनियन का विरोध झेलना पड़ा था। प्रबंधन और यूनियन के बीच बोनस की रकम को लेकर बार्गेनिंग होनी चाहिए।
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यहां बताना होगा कि सीआईएल प्रबंधन ने 22 सितम्बर को नई दिल्ली में 2025 का बोनस तय करने को लेकर जेबीसीसीआई- XI की मानकीकरण समिति की बैठक बुलाई है। 2024 में 93 हजार 750 रुपए बतौर बोनस का भुगतान हुआ था।
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