रायपुर। IndustrialPunch : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) तथा आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की कार्रवाई के आंकड़े सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की गंभीरता को सामने लाते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2021 से 2026 के बीच जांच एजेंसियों ने रिश्वतखोरी, आय से अधिक संपत्ति और पद के दुरुपयोग से जुड़े 400 से अधिक मामलों में कार्रवाई की। इनमें राजस्व विभाग सबसे अधिक मामलों के साथ शीर्ष पर बताया गया है।
राजस्व विभाग में 56 मामले, 67 लोगों को बनाया गया आरोपित
जून 2026 में प्रकाशित विभागवार आंकड़ों के अनुसार, राजस्व विभाग में 56 मामले दर्ज किए गए और 67 लोगों को आरोपित बनाया गया। इनमें 34 पटवारी और 12 लिपिक शामिल बताए गए हैं। राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में नामांतरण, सीमांकन, भूमि बंटवारे और अन्य जमीन संबंधी कामों के लिए रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए हैं।
इन सेवाओं के लिए आम नागरिकों को अक्सर राजस्व कार्यालयों से संपर्क करना पड़ता है, इसलिए ऐसे मामलों का सीधा असर नागरिकों के रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ सकता है।
स्कूल शिक्षा और ग्रामीण विकास विभाग भी सूची में
रिपोर्ट में स्कूल शिक्षा विभाग के 20 मामलों में 25 लोगों को आरोपित बनाए जाने का उल्लेख है। इनमें तीन प्राचार्य और 10 लिपिक शामिल बताए गए हैं।
वहीं, ग्रामीण विकास विभाग में 14 मामलों में 15 लोगों को आरोपित बनाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें तीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और तीन अनुविभागीय अधिकारी शामिल हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि जांच का दायरा केवल राजस्व विभाग तक सीमित नहीं है।
गृह विभाग में भी कार्रवाई
उपलब्ध विभागवार आंकड़ों में गृह विभाग के 10 मामलों में 13 आरोपितों का उल्लेख है। इनमें छह सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और तीन हेड कांस्टेबल शामिल बताए गए हैं। 20 आरोपित, रायपुर में 13 मामले और 15 आरोपित तथा रायगढ़ में 11 मामले और 12 आरोपित बताए गए हैं।
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