Monday, October 12, 2026
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मुकेश चौधरी ने संभाली कमान, शुरू हुआ JBCCI-XII का मिशन! वेतन विवाद और कोर्ट केस पर CIL की बड़ी पहल

एपेक्स जेसीसी सदस्यों से वन-टू-वन चर्चा के बाद 2 सितंबर को अनौपचारिक बैठक; E-1 वेतन ₹71,040 करने और जबलपुर हाईकोर्ट मामले के समाधान पर CIL का फोकस

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कोलकाता। IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में 12वीं जेबीसीसीआई (JBCCI-XII) के गठन को लेकर गतिविधियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मार्केटिंग निदेशक मुकेश चौधरी द्वारा निदेशक (HR) का अतिरिक्त प्रभार संभालने के बाद वेतन विसंगति और जेबीसीसीआई गठन से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय पहल किए जाने की जानकारी सामने आई है।

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बताया जा रहा है कि उनके सामने तत्काल दो बड़ी चुनौतियां हैं—12वीं जेबीसीसीआई का गठन और अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन में कथित विसंगति से संबंधित जबलपुर हाईकोर्ट में लंबित मामला। दूसरी ओर, यूनियनों की ओर से भी आंदोलनात्मक गतिविधियां जारी हैं और 12 सितंबर को रांची में संयुक्त कन्वेंशन प्रस्तावित है।

एपेक्स जेसीसी सदस्यों से वन-टू-वन चर्चा

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मुकेश चौधरी ने अतिरिक्त प्रभार संभालने के बाद एपेक्स जेसीसी के सदस्यों से वन-टू-वन मुलाकात कर जेबीसीसीआई गठन सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार बातचीत सकारात्मक रही है। अब एपेक्स जेसीसी सदस्यों के साथ 2 सितंबर को अनौपचारिक बैठक प्रस्तावित बताई जा रही है। इस बैठक को 12वीं जेबीसीसीआई के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

वेतन विसंगति पर भी CIL की सक्रियता

जेबीसीसीआई गठन के साथ-साथ अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन ढांचे में कथित विसंगति का मामला भी महत्वपूर्ण बना हुआ है। इसी मामले को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस विवाद के समाधान के प्रयासों के तहत CIL ने E-1 ग्रेड का न्यूनतम मूल वेतन ₹71,040 करने की दिशा में कदम उठाया है। इसका उद्देश्य अधिकारियों के शुरुआती वेतन को गैर-अधिकारी कर्मचारियों के संबंधित वेतनमान से नीचे जाने की स्थिति को दूर करना बताया जा रहा है।

यह मामला DPE के 24 नवंबर, 2017 के कार्यालय ज्ञापन में अधिकारी और कर्मचारी के वेतन ढांचे से संबंधित प्रावधानों से भी जोड़ा जा रहा है।

याचिकाकर्ताओं से भी हुई बैठक

मुकेश चौधरी ने जबलपुर हाईकोर्ट में मामले को लेकर याचिका दायर करने वाले कर्मचारियों/अधिकारियों के साथ 5 और 11 अगस्त को बैठक कर चर्चा की। इस दौरान मामले के समाधान और आगे की प्रक्रिया पर बातचीत किए जाने की जानकारी है।

बताया जा रहा है कि CIL का प्रयास है कि यदि न्यायालय में लंबित विवाद का समाधान हो जाता है, तो 12वीं जेबीसीसीआई के गठन की एक बड़ी अड़चन दूर हो सकती है।

18 अगस्त की सुनवाई में कोर्ट पहुंचे CIL के अधिकारी

मामले को लेकर CIL की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा रहा है कि 18 अगस्त की सुनवाई के दौरान मुकेश चौधरी स्वयं न्यायालय में मौजूद रहे।

सुनवाई के दौरान CIL की ओर से कथित तौर पर एरियर भुगतान की समय-सारणी भी बताई गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एरियर की पहली 40 प्रतिशत किस्त अक्टूबर 2026, दूसरी 40 प्रतिशत किस्त दिसंबर 2026 और शेष 20 प्रतिशत राशि मार्च 2027 में भुगतान करने की बात कही गई।

इसी आधार पर यह संभावना जताई जा रही है कि अक्टूबर में पहली किस्त के भुगतान के बाद न्यायालय में लंबित विवाद को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

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12वीं जेबीसीसीआई पर अब निगाहें

कोल इंडिया में 12वीं जेबीसीसीआई के गठन को लेकर ट्रेड यूनियनों और कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चर्चा चल रही है। ऐसे में वेतन विसंगति के मामले का समाधान और यूनियनों के साथ संवाद दोनों ही जेबीसीसीआई गठन की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

यदि वेतन विवाद का समाधान होता है और श्रमिक संगठनों के साथ सहमति का रास्ता बनता है, तो 12वीं जेबीसीसीआई के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में CIL को महत्वपूर्ण आधार मिल सकता है।

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