जबलपुर हाईकोर्ट ने वेतन विसंगति मामले की सुनवाई करते हुए कोल इंडिया (CIL) के अफसरों को बड़ी राहत दी है। असिस्टेंट सॉलिसीटर जनरल ने वेतन विसंगति मामले को लेकर गठित कमेटी की अनुशंसा के बाद कोयला मंत्रालय द्वारा स्वीकृति की प्रति सौंपी। कोल अधिकारियों को अब महारत्न कंपनी के दर्जे के अनुरूप संशोधित वेतनमान और भत्ते प्राप्त होंगे।
कमेटी ने कोल अधिकारियों को महारत्न कंपनी के अनुरूप पे अपग्रेडेशन (pay upgradation) की अनुशंसा की थी। कोयला मंत्रालय ने अनुशंसा को स्वीकृति प्रदान करते हुए लिखा कि इसे कैसे लागू करना है, एरियर का भुगतान किस तरह करना है, इस पर सीआईएल प्रबंधन फैसला लेगा।
सीआईएल के वकील ने कहा कि इसे बोर्ड से पारित करना होगा। इस पर कोर्ट ने कोयला सचिव को आदेश दिया है कि वे इस मामले में 7 जनवरी, 2026 तक अंतिम निर्णय लें, अन्यथा उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा। अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।
अप्रैल 2025 में जबलपुर हाईकोर्ट ने कोयला मंत्रालय द्वारा गठित कमेटी को अधिकारियों के पे अपग्रेडेशन पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया था। यह कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के बाद शुरू हुई थी जिनमें वेतन विसंगतियों की समीक्षा की बात कही गई थी।
कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव भवानी प्रसाद पती के नेतृत्व वाली कमेटी ने कोल इंडिया के अधिकारियों के वेतन ग्रेड अपग्रेडेशन पर अपनी महत्वपूर्ण रिपोर्ट और सिफारिशें दी हैं। बताया जाता है कि कमेटी ने कोल इंडिया के अधिकारियों के वेतनमान को अन्य महारत्न कंपनियों के समकक्ष लाने की सिफारिश की है।
कोयला कर्मचारियों के 11वें वेतन समझौते (NCWA- XI) के बाद कई कर्मचारियों का वेतन अधिकारियों से अधिक हो गया था, जिसे ठीक करने की मांग उठाई गई। इसके बाद यह मामला न्यायालय तक पहुंच गया।
पे ग्रेड और पद (अनुशंसित)
- ई वन : ₹60,000 – ₹1,80,000
- ई टू: ₹70,000 – ₹2,00,000
- ई थ्री : ₹80,000 – ₹2,20,000
- ई फार : ₹90,000 – ₹2,40,000
- ई सिक्स : ₹1,20,000 –₹2,80,000
- सीएमडी व एस ए ग्रेड : ₹2,00,000 – ₹3,70,000
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