पेंशन स्थिरता समिति की बैठक का आयोजन कोयला मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव रुपिंदर बरार की अध्यक्षता में हुआ। बैठक में कोल इंडिया से पेंशन फंड में एकमुश्त राशि देने की मांग उठी।
बैठक में शामिल यूनियन प्रतिनिधियों और सीएमओएआई के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्ष 1998 में पेंशन योजना शुरू होने के बाद 2017 तक करीब 19 वर्षों तक कोल इंडिया की ओर से पेंशन फंड में कोई अंशदान नहीं दिया गया।
कोल इंडिया के निदेशक (एचआर) डॉ विनय रंजन ने बताया कि वर्तमान में कोल इंडिया पेंशन फंड में सात प्रतिशत अंशदान के साथ प्रति टन कोयले पर 20 रुपए सहयोग राशि दी जा रही है।
बैठक में पेंशन गणना और अधिकतम पेंशन पर सीमा तय करने जैसे प्रस्ताव शामिल थे, जिन्हें यूनियन प्रतिनिधियों ने अस्वीकार कर दिया। बैठक में बीएमएस के केएल रेड्डी और आशीष मूर्ति सदस्य हैं, लेकिन दोनों व्यक्ति इस महत्वपूर्ण बैठक में मौजूद नहीं थे।
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