Friday, July 3, 2026
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JBCCI- XII गठन को लेकर कोल सेक्टर में ‘मांग दिवस’, कोयला कामगारों का जबरदस्त समर्थन मिला

संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने आरोप लगाया कि वेतन समझौते की प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी कर्मचारियों के हितों के विपरीत है।

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कोरबा, 1 जुलाई (IndustrialPunch Desk) : कोल इंडिया (CIL) एवं उसकी अनुषंगी कंपनियों में 12वें वेतन समझौते (NCWA- XII) के लिए ज्वाइंट बाइपार्टाइट कमेटी फॉर द कोल इंडस्ट्री (JBCCI-XII) के तत्काल गठन की मांग को लेकर बुधवार, 1 जुलाई को देशभर के कोयला क्षेत्रों में हिन्द मजदूर सभा (HMS), इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC), सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) तथा ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) के संयुक्त आह्वान पर ‘मांग दिवस’ मनाया गया।

इस दौरान खदान क्षेत्रों और कार्यालयों समक्ष प्रदर्शन करने के साथ ही रैली इत्यादि के माध्यम से आक्रोश दर्ज कराया गया। एक दिवसीय आंदोलन में बड़ी संख्या में कोयला कामगारों की उउपस्थिति देखने को मिली। खास बात यह रही कि महिला कामगार भी मांग करने उतरीं।

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कोयला श्रमिकों ने कोल इंडिया की विभिन्न सहायक कंपनियों एवं परियोजनाओं के मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों, महाप्रबंधक कार्यालयों तथा खदान परिसरों में प्रदर्शन, धरना एवं सभा आयोजित कर प्रबंधन और केंद्र सरकार से जेबीसीसीआई- XII का गठन बिना किसी और विलंब के करने की मांग उठाई। श्रमिकों का कहना है कि 1 जुलाई 2026 से एनसीडब्ल्यूए- XII की अवधि समाप्त होने के बाद नया वेतन समझौता प्रभावी होना चाहिए, लेकिन अब तक वेतन वार्ता के लिए जेबीसीसीआई- XII का गठन नहीं किया गया है, जिससे लाखों कोयला कर्मियों में असंतोष व्याप्त है।

संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने आरोप लगाया कि वेतन समझौते की प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी कर्मचारियों के हितों के विपरीत है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जेबीसीसीआई- XII का गठन नहीं किया गया तो नए वेतन समझौते की वार्ता भी अनावश्यक रूप से लंबी खिंच सकती है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव लगभग ढाई लाख से अधिक कोयला कर्मियों पर पड़ेगा।

प्रदर्शन के दौरान श्रमिक नेताओं ने कहा कि वेतन समझौता प्रत्येक पांच वर्ष में समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि कोल इंडिया प्रबंधन शीघ्र सभी मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठनों के साथ बैठक कर जेबीसीसीआई- XII का गठन सुनिश्चित करे, ताकि एनसीडब्ल्यूए- XII की वार्ता बिना विलंब प्रारंभ हो सके। साथ ही कुछ स्थानों पर श्रमिकों ने श्रम संहिताओं (Labour Codes) से जुड़े मुद्दों एवं श्रमिक हितों की सुरक्षा की मांग भी उठाई।

देश के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्रों—झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा अन्य राज्यों में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लिया। विभिन्न इकाइयों में आयोजित सभाओं में नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जेबीसीसीआई- XII के गठन में और विलंब हुआ तो संयुक्त ट्रेड यूनियनें आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक स्वरूप देने पर विचार करेंगी।

संयुक्त श्रमिक संगठनों ने कहा कि कोयला उद्योग की उत्पादन क्षमता और देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले श्रमिकों को समय पर वेतन समझौते का अधिकार मिलना चाहिए। इसलिए केंद्र सरकार और कोल इंडिया प्रबंधन को शीघ्र निर्णय लेते हुए जेबीसीसीआई- XII का गठन कर एनसीडब्ल्यूए- XII की वार्ता प्रारंभ करनी चाहिए, ताकि कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सके।

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