कोलकाता, 26 सितम्बर। आधी रात को कोयला कामगारों के पीएलआर (PLR) यानी बोनस पर मुहर लगा दी गई। 2025 के लिए एक लाख तीन हजार रुपए बोनस तय किया गया है। समझौता पत्र पर हस्ताक्षर भी कर दिए गए हैं।
कोलकाता के एक होटल में आयोजित हुई सीआईएल (CIL) के जेबीसीसीआई- XI की मानकीकरण समिति (Standardization Committee) की छठवीं बैठक गहमागहमी वाली रही। गुरुवार शाम 5 बजे करीब बैठक शुरू हुई।
सीआईएल प्रबंधन ने 2024- 25 के कामकाज और वित्तीय स्थिति की रिपार्ट प्रस्तुत की। पहले ठेका श्रमिकों के बोनस (Bonus) पर चर्चा की गई। इसके बाद सीआईएल प्रबंधन ने स्थाई कामगारों के लिए 90 हजार 800 रुपए बोनस का प्रस्ताव रखा। यूनियन प्रतिनिधियों ने इसे खारिज कर दिया। एचएमएस, इंटक ने तो डेढ़ लाख रुपए तक की मांग रखी।
सीआईएल प्रबंधन 98500 पर अड़ गया। यूनियन ने 1.30 लाख रुपए की मांग रखी। इस बीच श्रमिक प्रतिनिधियों ने दो बार बैठक से वॉकआउट किया। प्रबंधन नेताओं को मनाने में लगा रहा। कुछेक नेताओं ने कहा कि कल बात करेंगे।
अंततः आधी रात को तीसरी बार बैठक शुरू हुई और एक लाख तीन हजार रुपए पर जाकर सहमति बनी। बोनस का लाभ सीआईएल और एससीसीएल के स्थाई कामगारों को मिलेगा।
26 सितम्बर, 2025 को निर्धारित पीएलआर यानी बोनस राशि का भुगतान हो जाएगा। 2024 के मुकाबले 2025 में बोनस राशि में 9,250 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। 2024 में 93,750 रुपए बोनस का भुगतान हुआ था।

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