कोयला मंत्रालय की पहलः कोयले की खोज में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी 2डी/3डी का उपयोग, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से होगी शुरुआत

रांची (IP News). कोयला मंत्रालय के अधीन आने वाले सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआई) ने कोयला उत्खनन में 2डी/3डी सिस्मिक सर्वे (भूकंपीय सर्वेक्षण) की शुरूआत की है। ड्रिलिंग मशीनों के माध्यम से किए जा रहे ड्रिलिंग जिसमें समय काफी ज्यादा लगता था। कोयला मंत्रालय की यह पहल बहुत कम समय में कोल ब्लाॅकों में तेजी से गवेषण का मार्ग प्रशस्त करेगी। यह सरकार के ओपेन एकरेज नीति के तहत ब्लाॅक को आवंटित करने की दिशा में एक पहल है।

कोयला मंत्रालय के निर्देशानुसार आधुनिक और उन्नत गवेषण तकनीकी सिस्मिक सर्वे (भूकंपीय सर्वेक्षण) विधि का उपयोग करके दो कोयला क्षेत्रों करतला और पुता-परोगिया में 2डी सिस्मिक सर्वे (भूकंपीय सर्वेक्षण) विधि, तौलीपाली और राजादही में 3डी सिस्मिक सर्वे (भूकंपीय सर्वेक्षण) विधि द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में गवेषण कार्य प्रस्तावित है। करतला एवं तौलीपाली कोल ब्लाॅक छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित है। जबकि पुता-परोगिया बिलासपुर जिले की सीमा में है तथा राजादही ब्लाॅक रायगढ़ जिले में है। इस संदर्भ में निविदा प्रक्रिया के उपरांत सहमति पत्र निर्गत किया जा चुका है। उपरोक्त कोयला क्षेत्रों की कुल कोयला संसाधन 10 बिलियन टन से ज्यादा अनुमानित है, जिसका कुल प्रसार लगभग 168 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में है और इसकी कुल लागत लगभग 106 करोड़ रुपये है।