Tuesday, August 25, 2026
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ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने बढ़ाए कोयले के दाम, खदान बचाने लिया निर्णय

कंपनी ने बताया कि कोयले की कीमत में वृद्धि से 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। ईसीएल ने 2028 में कोयले की कीमत बढ़ाई थी।

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आसनसोल, 30 नवम्बर। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) ने झारखंड के राजमहल क्षेत्र से उत्पादित कोयले की कीमत में बढ़ोतरी की है। कीमत 450 रुपए से बढ़ाकर 700 रुपए प्रति टन की गई है।

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ईसीएल की मूल कंपनी कोल इंडिया ने एक फाइलिंग में कहा, “कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को आयोजित अपनी बैठक में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के राजमहल क्षेत्र के लिए कोयले की ऐड-ऑन कीमत को 30 नवम्बर, 2024 से 450 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 700 रुपये प्रति टन करने को मंजूरी दे दी है।“

यहां बताना होगा कि राजमहल खदान से उत्पादित कोयले की आपूर्ति एनटीपीसी के कहलगांव और फरक्का सुपर थर्मल पावर प्लांट को कम परिवहन लागत पर की जा रही है। ईसीएल ने एनटीपीसी (NTPC) की सहमति से ऐड-ऑन कीमत में संशोधन किया गया है।

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कंपनी ने बताया कि कोयले की कीमत में वृद्धि से 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। ईसीएल ने 2028 में कोयले की कीमत बढ़ाई थी। अब सात साल बाद इसमें बढ़ोतरी की गई है। बताया गया है कि खदान को बचाने के लिए कोयले के दाम बढ़ाए गए हैं।

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कोल इंडिया लिमिटेड ने पहले संकेत दिया था कि वह बढ़ी हुई लागत के प्रभाव को कम करने के लिए ईंधन की कीमतों में कम से कम 10- 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती है।

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