Tuesday, October 27, 2026
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EPFO Update: PF वेतन सीमा बढ़ी, लेकिन EPS में सरकार का योगदान नहीं बढ़ेगा

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि EPS में उसका योगदान सदस्य के वेतन के 1.16 प्रतिशत की दर से होगा

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नई दिल्ली। IndustrialPunch : कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) से जुड़े अंशदान को लेकर वेतन सीमा में बदलाव के बाद एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अनिवार्य PF कवरेज के लिए वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 किए जाने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से EPS में दिया जाने वाला 1.16 प्रतिशत योगदान ₹15,000 की पुरानी सीमा तक ही सीमित रहेगा। इसका अर्थ है कि सरकार का अधिकतम मासिक योगदान ₹174 ही होगा, न कि ₹290।

इस मुद्दे को समझने के लिए PF कवरेज की वेतन सीमा और EPS में सरकार के योगदान की गणना को अलग-अलग देखना जरूरी है। वेतन सीमा में बदलाव अपने आप यह सुनिश्चित नहीं करता कि सरकार का पेंशन योजना में योगदान भी उसी अनुपात में बढ़ जाएगा।

वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000, लेकिन योगदान की गणना पुरानी सीमा पर

दी गई जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि EPS में उसका योगदान सदस्य के वेतन के 1.16 प्रतिशत की दर से होगा, लेकिन इसकी गणना अधिकतम ₹15,000 मासिक वेतन तक ही की जाएगी।

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इस व्यवस्था के तहत यदि किसी कर्मचारी का संबंधित वेतन ₹15,000 या उससे अधिक है, तो सरकार के योगदान की गणना ₹15,000 पर होगी। इसलिए अधिकतम सरकारी अंशदान ₹174 प्रतिमाह तक सीमित रहेगा।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि PF कवरेज की वेतन सीमा और EPS में सरकार के योगदान की सीमा दो अलग-अलग पहलू हैं। नई वेतन सीमा बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक कर्मचारी के EPS खाते में सरकार की ओर से जमा होने वाली राशि भी स्वतः बढ़ जाएगी।

सरकार का अधिकतम योगदान ₹174, ₹290 क्यों नहीं?

केंद्र सरकार के 15 अक्टूबर 2026 के संशोधन के बारे में The Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का 1.16 प्रतिशत योगदान ₹15,000 मासिक वेतन तक सीमित रखा गया है। इसलिए अधिकतम सरकारी योगदान ₹174 प्रतिमाह होगा। ₹290 केवल उस स्थिति की गणना है, जिसमें 1.16 प्रतिशत की गणना ₹25,000 पर की जाती।

क्या EPS पेंशन पर पड़ेगा असर?

सरकार के स्पष्टीकरण के अनुसार, इस संशोधन से कर्मचारी की पेंशन में अपने आप कोई कटौती या वृद्धि नहीं होती। EPS एक निर्धारित लाभ वाली योजना है, जिसमें पेंशन की गणना पेंशन योग्य वेतन, पेंशन योग्य सेवा और लागू योजना नियमों के आधार पर होती है।

हालांकि, यह कहना भी उचित नहीं होगा कि भविष्य की पेंशन पर किसी भी परिस्थिति में कोई प्रभाव संभव नहीं है। योजना की वित्तीय स्थिति या भविष्य में नियमों में बदलाव अलग विषय हैं। अभी के संशोधन से पेंशन फॉर्मूले में स्वतः बदलाव घोषित नहीं हुआ है।

संशोधन कब से लागू हुआ?

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की अधिसूचना के बारे में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी EPS योगदान को ₹15,000 की वेतन सीमा तक सीमित रखने वाला संशोधन 17 सितंबर 2026 से प्रभावी माना गया है। वहीं, EPF की अनिवार्य कवरेज सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह किए जाने का निर्णय भी 17 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ।

इस प्रकार दोनों प्रावधानों में अंतर समझना जरूरी है: EPF कवरेज की नई सीमा ₹25,000 है, जबकि सरकार के 1.16 प्रतिशत EPS योगदान की अधिकतम वेतन सीमा ₹15,000 रखी गई है।

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