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कोरबा, 24 फरवरी 2026 : हसदेव ताप विद्युत गृह (HTPS) कोरबा पश्चिम की ओर से नई परियोजना 2×660 मेगावाट विद्युत संयंत्र के समीपस्थ 11 गांवों के युवा एवं विद्यार्थियों के लिए पांच दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण एवं विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय सेमिनार व कॅरियर काउंसिलिंग चरणबद्ध रूप से आयोजित की गई।

छग. स्टेट पाॅवर जनरेशन कंपनी द्वारा निगमित पर्यावरणीय उत्तरदायित्व (CER- Corporate Environmental Responsibility) के तहत आयोजित इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए केंद्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) की सहायता ली गई।

जनरेशन कंपनी, हसदेव ताप विद्युत गृह कोरबा पश्चिम के समीपस्थ 11 गांवों में सीईआर के कार्यों को प्राथमिकता के साथ जमीनी स्तर पर ला रही है। इसी कड़ी में गांव-गांव में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है।

अभी तक दो चरणों में पांच-पांच दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण का आयोजन किया जा चुका है। साथ ही चिह्ननांकित आठ स्थानों पर विद्यार्थियों के लिए सेमिनार व कॅरियर काउंसिलिंग की जा चुकी है।

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इनमें एनटीपीसी केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-04 गोपालपुर, शासकीय हाईस्कूल स्याहीमुड़ी, गोपालपुर, अयोध्यापुरी, दर्री, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छुरीकला, विद्युतगृह हायर सेकंडरी स्कूल क्रमांक-दो दर्री, स्वामी आत्मानंद अंगे्रजी माध्यम स्कूल एनटीपीसी-जमनीपाली शामिल हैं।

जनरेशन कंपनी के इस अभियान से ग्राम लोतलोता, स्याहीमुड़ी, चुईया, जमनीपाली, झाबू, पंडरीपानी, नवागांव-कला, डिंडोलभाठा, बिरवट, डोडकधरी और चिरहुट के युवा एवं विद्यार्थी लाभान्वित हुए।

निगमित पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के कार्यों को मुख्य अभियंता श्री एचके. सिंह के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता (तकनीकी एवं सहायक सेवाएं) श्री एमके. गुप्ता के निर्देशन में प्रशिक्षण विभाग द्वारा पूरा कराया गया। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए क्रियान्वयन एजेंसी की भूमिका निभाते हुए सिपेट-कोरबा के प्रशिक्षकों की टीम में रजनीश पांडेय, नीतीश कुमार, संजय बदुक एवं महेश तुड़ु शामिल रहे।

प्रशिक्षकों द्वारा पांच दिवसीय ‘‘रोजगार मूलक कौशल विकास प्रशिक्षण’’ के तहत प्लास्टिक उत्पाद बनाने वाली मशीनों की कार्यप्रणाली, रखरखाव एवं कंप्यूटर संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही सिपेट द्वारा युवाओं को आईटीआई प्रशिक्षण की तर्ज पर कन्वेंशनल मशीनिंग और कंप्यूटर न्यूमेरिक कंट्रोल मशीनिंग का प्रशिक्षण दिया गया।

वहीं दो दिवसीय सेमिनार एवं कॅरियर काउंसिलिंग के तहत प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को 11वीं कक्षा के लिए विषय चयन, 12 वीं के बाद स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के विषयों में विस्तार से बताया। साथ ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के विषय में जानकारी देते हुए लक्ष्य के अनुरूप तैयारी एवं व्यक्तित्व विकास के भी सुझाव दिए।

इसके साथ ही प्रशिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को सिपेट की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। प्लास्टिक उत्पाद निर्माण तकनीक (इंजेक्शन मोल्डिंग, ब्लो-मोल्डिंग इत्यादि) के अंतर्गत उत्पादक मशीनों की कार्यप्रणाली, रखरखाव एवं विभिन्न क्षेत्रों में प्लास्टिक के उपयोग के बारे में विस्तार से समझाया गया।

इन कार्यक्रमों के दौरान परियोजना प्रबंधक एसके पंड्या, अधीक्षण अभियंता (प्रशिक्षण) सुमित सिंह, कार्यपालन अभियंता (प्रशिक्षण) मनोज मिश्रा, जनसंपर्क अधिकारी बसंत शाहजीत एवं नई परियोजना से अन्य अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता रही।

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