श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा औद्योगिक संबंध (IR) संहिता, 2020 की अधिसूचना (अंतिम केन्द्रीय नियम ) जारी कर दी गई है। आईआर 2020 के लागू होने के बाद इसका असर श्रमिक संगठनों में देखने को मिलेगा।
आईआर 2020 कोड से औद्योगिक प्रतिष्ठानों के श्रमिक संगठनों के उन पदाधकारियों/ नेताओं पर पर गाज गिर सकती है, जो बाहरी हैं। औद्योगिक संबंध (आईआर) संहिता, 2020 में ट्रेड यूनियन में कौन पदाधिकारी होगा, इस बारे में स्पष्ट उल्लेख है। इसके अनुसार किसी भी पंजीकृत ट्रेड यूनियन में कुल पदाधिकारियों के एक तिहाई (1/3) या 5 (पांच) से अधिक (जो भी कम हो) पदाधिकारी बाहरी नहीं होंगे।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी ट्रेड यूनियन में कुल 9 पदाधिकारी हैं उसमें 3 (1/3) बाहरी व्यक्ति पदाधिकारी हो सकते हैं। किसी ट्रेड यूनियन में 12 पदाधिकारी हैं तो 4 (1/3) बाहरी हो सकते हैं। 15 पदाधिकारी वाले यूनियन में 5 (1/3) बाहरी पदाधिकारी होंगे।
जिस यूनियन में 18 पदाधिकारी होंगे उसमें 5 (क्योंकि 1/3 = 6, पर अधिकतम सीमा 5) से अधिक बाहरी पदाधिकारी नहीं हो सकते हैं। कोड में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हैं या छंटनी किए गए हैं, वे बाहरी नहीं माने जाएंगे।
ट्रेड यूनियनों को वैधानिक मान्यता
ट्रेड यूनियनें, जिन्हें पहले औपचारिक मान्यता नहीं थी, अब कानूनी मान्यता प्राप्त करने के लिए एक स्पष्ट रास्ता पाती हैं। एक प्रतिष्ठान में 51 प्रतिषत सदस्यता वाली यूनियन को सौदेबाजी यूनियन के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है, जिसके पास सामूहिक सौदेबाजी और शिकायत निवारण में श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने का विशिष्ट अधिकार होगा। यदि यह सीमा पूरी नहीं होती है, तो समझौता परिषद का गठन किया जाएगा, जिसमें कम से कम 20 प्रतिषत सदस्यता वाली सभी ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

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