कोरबा। IndustrialPunch : कार और दोपहिया वाहन मालिकों के लिए मोटर इंश्योरेंस के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने निजी कारों और दोपहिया वाहनों के लिए चार-स्तरीय मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह नई व्यवस्था 15 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगी। इसके तहत वाहन मालिक अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग बीमा कवर चुन सकेंगे और प्रत्येक कवर के लिए देय प्रीमियम की जानकारी भी अलग-अलग मिलेगी।
IRDAI ने 2 नवंबर 2026 को जारी सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में नई व्यवस्था के लिए एक समान पॉलिसी शब्दावली, अनिवार्य Customer Option Form और Customer Information Sheet जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य वाहन मालिकों को बीमा खरीदते समय उपलब्ध विकल्पों और उनकी लागत की स्पष्ट जानकारी देना है।
चार हिस्सों में बंटेगा मोटर इंश्योरेंस कवर
1. थर्ड पार्टी लायबिलिटी कवर (अनिवार्य): सड़क दुर्घटना में किसी तीसरे व्यक्ति को होने वाली शारीरिक क्षति, मृत्यु या संपत्ति के नुकसान से जुड़ी कानूनी देनदारी के लिए यह कवर अनिवार्य रहेगा।
2. यात्रियों और पिलियन राइडर की कानूनी देनदारी (वैकल्पिक): वाहन में बैठे यात्रियों, दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति और बीमाधारक के कर्मचारियों से संबंधित कानूनी देनदारी का कवर वैकल्पिक होगा।
3. पर्सनल एक्सीडेंट कवर: वाहन मालिक-चालक के लिए अनिवार्य व्यक्तिगत दुर्घटना कवर का प्रावधान रहेगा। वहीं, यात्रियों, पिलियन राइडर और वाहन मालिक के अलावा अन्य चालक के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना कवर वैकल्पिक होगा।
4. वाहन को हुए नुकसान का कवर (Own Damage): दुर्घटना, आग, चोरी या अन्य बीमित जोखिमों से अपने वाहन को होने वाले नुकसान का कवर अलग से चुना जा सकेगा। यह सेक्शन वैकल्पिक रहेगा।
हर कवर का प्रीमियम अलग-अलग बताना होगा
नई व्यवस्था में बीमा कंपनियों को पॉलिसी में शामिल प्रत्येक सेक्शन के सामने उसके लिए लिया जाने वाला प्रीमियम स्पष्ट रूप से दिखाना होगा। इससे ग्राहक यह समझ सकेंगे कि थर्ड पार्टी, यात्रियों की कानूनी देनदारी, व्यक्तिगत दुर्घटना और अपने वाहन के नुकसान के कवर के लिए कितना भुगतान कर रहे हैं।
ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के अनुसार उपलब्ध विकल्पों का चयन कर सकेंगे। बीमा कंपनियों को पॉलिसी जारी करते समय ग्राहक की ओर से भरा गया Option Form भी पॉलिसी का हिस्सा बनाना होगा।
Customer Option Form और Information Sheet अनिवार्य
IRDAI ने सभी सामान्य बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि नई व्यवस्था के तहत निजी कारों और नए दोपहिया वाहनों के लिए एक समान शब्दावली वाली पॉलिसी जारी की जाए। इसके साथ ग्राहक को Customer Option Form और Customer Information Sheet देना अनिवार्य होगा।
ग्राहक ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से अपनी पसंद के कवर का चयन कर सकेंगे। बीमा कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्राहक का विकल्प विधिवत दर्ज हो और पॉलिसी में वास्तविक कवर तथा उसके लिए लिया गया प्रीमियम पारदर्शी तरीके से दर्शाया जाए।
पुरानी थर्ड पार्टी पॉलिसी में भी जुड़वा सकेंगे अतिरिक्त कवर
IRDAI के सर्कुलर में मौजूदा पॉलिसीधारकों के लिए भी प्रावधान किया गया है। यदि किसी वाहन मालिक ने पहले से थर्ड पार्टी इंश्योरेंस ले रखा है और वह पॉलिसी की अवधि के दौरान यात्रियों की कानूनी देनदारी वाला सेक्शन-II कवर लेना चाहता है, तो अतिरिक्त प्रीमियम देकर यह सुविधा प्राप्त कर सकता है।
यह कवर उसी बीमा कंपनी से लिया जा सकेगा, जिसने मौजूदा थर्ड पार्टी पॉलिसी जारी की है। अतिरिक्त कवर का जोखिम बीमा कंपनी द्वारा जारी एंडोर्समेंट में दर्ज तारीख और समय से शुरू होगा। इसके लिए मौजूदा थर्ड पार्टी पॉलिसी रद्द कराने की जरूरत नहीं होगी।
15 दिसंबर 2026 से लागू होंगे नए नियम
IRDAI के निर्देश के अनुसार चार-स्तरीय मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी व्यवस्था, एक समान पॉलिसी शब्दावली और Option Form 15 दिसंबर 2026 से लागू होंगे। इस तारीख से जारी होने वाली सभी संबंधित पॉलिसियों को नई व्यवस्था के अनुरूप होना होगा।
बीमा कंपनियों को अपनी पॉलिसियों को Bima Sugam प्लेटफॉर्म के साथ भी एकीकृत करना होगा, ताकि नई व्यवस्था के तहत उपलब्ध पॉलिसियां उसी तारीख से Bima Sugam पर भी उपलब्ध हो सकें।



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