कोलकाता। IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में 12वें संयुक्त द्विपक्षीय समिति यानी JBCCI- XII के गठन को लेकर 3 सितंबर की महत्वपूर्ण बैठक के बाद उम्मीद जरूर जगी थी, लेकिन 20 सितंबर 2026 तक समिति के औपचारिक गठन की प्रक्रिया अभी पूरी होती दिखाई नहीं दे रही है।
कोल इंडिया प्रबंधन ने Apex JCC की बैठक में कोयला मंत्रालय को JBCCI- XII के गठन की अनुमति के लिए पत्र भेजने का आश्वासन दिया था। इसके बाद ट्रेड यूनियनों ने 12 सितंबर को रांची में प्रस्तावित संयुक्त सम्मेलन को स्थगित कर दिया था। 20 सितंबर तक कोयला मंत्रालय की ओर से JBCCI- XII के गठन की अंतिम मंजूरी अथवा समिति के गठन की कोई आधिकारिक अधिसूचना सामने नहीं आई है।
3 सितंबर की बैठक में क्या हुआ था?
कोल इंडिया की Apex Joint Consultative Committee (Apex JCC) की 3 सितंबर को हुई बैठक JBCCI- XII के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। बैठक में समिति के गठन को लेकर ट्रेड यूनियनों ने अपनी मांग रखी। इसके जवाब में कोल इंडिया प्रबंधन ने कोयला मंत्रालय को पत्र भेजकर JBCCI- XII गठन की अनुमति लेने का आश्वासन दिया।
इस आश्वासन के बाद यूनियनों ने 12 सितंबर को रांची में प्रस्तावित संयुक्त सम्मेलन को फिलहाल स्थगित कर दिया। यानी आंदोलनात्मक दबाव को तत्काल आगे बढ़ाने के बजाय प्रबंधन के आश्वासन और अगली कार्रवाई का इंतजार करने का रास्ता चुना गया।
NCWA-XI समाप्त, अब NCWA-XII पर नजर
JBCCI- XII का गठन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि National Coal Wage Agreement- XI (NCWA-XI) की निर्धारित अवधि 30 जून, 2026 को समाप्त हो चुकी है। JBCCI- XI के गठन को मंत्रालय ने 6 मई, 2021 को मंजूरी दी थी। इसी समिति के माध्यम से NCWA- XI के लिए वेतन वार्ता की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। NCWA- XI की अवधि 1 जुलाई, 2021 से 30 जून, 2026 तक निर्धारित थी।
लेबर कोड भी बन रहा है महत्वपूर्ण पहलू
JBCCI- XII की प्रक्रिया केवल वेतन समझौते तक सीमित नहीं है। कोल इंडिया में औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के प्रावधानों और उसके संभावित क्रियान्वयन को लेकर भी Apex JCC में चर्चा हुई थी। यूनियनों और प्रबंधन के बीच यह सवाल महत्वपूर्ण है कि नए श्रम कानूनों के तहत प्रतिनिधित्व, वार्ता की व्यवस्था और औद्योगिक संबंधों की प्रक्रिया किस रूप में आगे बढ़ेगी। 3 सितंबर की बैठक में इसी संदर्भ में चर्चा होने की जानकारी सामने आई थी।
करीब 2.8 लाख गैर-कार्यकारी कर्मचारियों की नजर
NCWA के दायरे में आने वाले कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए JBCCI- XII का गठन महत्वपूर्ण है। पिछली व्यवस्था की तरह नई समिति में वेतन, भत्ते, सेवा शर्तों और अन्य औद्योगिक मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत का रास्ता खुलने की उम्मीद है।
अब कोयला कर्मचारियों और ट्रेड यूनियनों की नजर इस बात पर है कि कोल इंडिया का प्रस्ताव कब मंत्रालय तक पहुंचता है, मंत्रालय कब निर्णय लेता है और JBCCI- XII की पहली बैठक कब आयोजित होती है।
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