Monday, October 12, 2026
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जनसुनवाई पर बड़ा संग्राम! कोयला मजदूर सभा ने SECL के मानिकपुर खदान विस्तार के खिलाफ खोला मोर्चा

मानिकपुर ओपनकास्ट प्रोजेक्ट की प्रस्तावित उत्पादन क्षमता को 5.25 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTPA) से बढ़ाकर 7.0 MTPA किया जाना है।

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कोरबा। IndustrialPunch : हिंद मजदूर सभा (HMS) से संबद्ध और नाथूलाल पाण्डेय के नेतृत्व वाले कोयला मजदूर सभा ने SECL की मानिकपुर ओपनकास्ट खदान के प्रस्तावित विस्तार को लेकर 21 अगस्त, 2026 को होने वाली जनसुनवाई का विरोध किया है। संगठन ने क्षेत्र के ग्रामीणों से जुड़े लंबित मुद्दों और पुराने वादों को पूरा किए बिना नई जनसुनवाई कर परियोजना विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर सवाल उठाए हैं।

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साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के मानिकपुर ओपनकास्ट एक्सपेंशन प्रोजेक्ट की क्षमता विस्तार के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) ने परियोजना की Public Hearing 21 अगस्त, 2026 को निर्धारित की है।

5.25 MTPA से 7 MTPA होगी उत्पादन क्षमता

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मानिकपुर ओपनकास्ट प्रोजेक्ट की प्रस्तावित उत्पादन क्षमता को 5.25 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTPA) से बढ़ाकर 7.0 MTPA किया जाना है। परियोजना की प्रस्तावित क्षमता में 1.75 MTPA की वृद्धि होगी। इसके साथ ही परियोजना का क्षेत्रफल भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। मौजूदा परियोजना क्षेत्रफल 1018.925 हेक्टेयर बताया गया है, जिसे बढ़ाकर 1031.507 हेक्टेयर किए जाने का प्रस्ताव है।

इन क्षेत्रों पर पड़ेगा विस्तार का असर

प्रस्तावित विस्तार मिलाईभांठा, दादर, मानिकपुर, इस्मलीडुग्गू, जरहद और कुकरी सहित आसपास के क्षेत्रों से संबंधित है। इसी विस्तार को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की मांगों और पुराने आश्वासनों के मुद्दे को कोयला मजदूर सभा ने प्रमुखता से उठाया है।

‘पहले वादे पूरे हों, फिर जनसुनवाई हो’

कोयला मजदूर सभा द्वारा जारी अपील में कहा गया है कि संगठन का विरोध विकास के खिलाफ नहीं, बल्कि वादाखिलाफी के खिलाफ है।

संगठन का कहना है कि SECL की ओर से ग्रामीणों के साथ पूर्व में की गई चर्चाओं और उनकी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को पहले पूरा किया जाना चाहिए। इसके बाद ही नई जनसुनवाई आयोजित की जानी चाहिए।

सभा ने विशेष रूप से ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुविधाओं, मूलभूत सुविधाओं, मुआवजा एवं पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं तथा अन्य लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग उठाई है।

ग्रामीणों की मांगों को लेकर विरोध

कोयला मजदूर सभा की ओर से जारी सामग्री में कहा गया है कि प्रभावित परिवारों की जीवन, स्वास्थ्य, सम्मान और आजीविका से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज कर नई जनसुनवाई आयोजित करना उचित नहीं है।

संगठन ने मांग की है कि लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई की जाए और ग्रामीणों को उनके अधिकार एवं पूर्व में किए गए वादों के अनुरूप समाधान दिया जाए।

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21 अगस्त की जनसुनवाई पर टिकी नजर

मानिकपुर परियोजना की उत्पादन क्षमता 7 MTPA किए जाने के प्रस्ताव के बीच 21 अगस्त की Public Hearing महत्वपूर्ण हो गई है। एक तरफ परियोजना विस्तार से कोयला उत्पादन बढ़ाने की योजना है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध के स्वर सामने आए हैं।

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