Saturday, November 7, 2026
Home Industrial (हिंदी) एम्प्लोयी एवं यूनियन NCL में सीटिया को चेक ऑफ सिस्टम की मंजूरी, प्रबंधन ने जारी...

NCL में सीटिया को चेक ऑफ सिस्टम की मंजूरी, प्रबंधन ने जारी किया आधिकारिक आदेश

संगठन के अनुसार, इस स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व और NCL जोन की ओर से लगातार पत्राचार किया जा रहा था

Advertisement

सिंगरौली। IndustrialPunch : नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) में कार्यरत कर्मचारियों के संगठन कोल इंडिया आईटीआई इम्पलाईज एसोसिएशन (CIITIEA), सीटू को महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। NCL प्रबंधन ने 5 नवंबर 2026 को जारी आधिकारिक आदेश के माध्यम से संगठन को कंपनी में लागू चेक ऑफ सिस्टम के अंतर्गत शामिल करने की स्वीकृति दे दी है।

इस व्यवस्था के तहत संगठन के प्रत्येक सदस्य कर्मचारी से ₹500 वार्षिक सदस्यता शुल्क वेतन से काटकर सीधे संगठन के बैंक खाते में जमा कराया जाएगा। इस निर्णय से संगठन को नियमित सदस्यता राशि प्राप्त करने का रास्ता खुल गया है।

पत्र जारी कर दी गई आधिकारिक स्वीकृति

NCL के औद्योगिक संबंध विभाग ने पत्र क्रमांक NCL/Sing/HR/OS/CITIA-31/2026-27/485 के माध्यम से NCL जोन के महामंत्री अरविन्द कुमार शाह को इसकी औपचारिक जानकारी दी है।

Advertisement

संगठन के अनुसार, इस स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व और NCL जोन की ओर से लगातार पत्राचार किया जा रहा था। केंद्रीय महामंत्री के 27 अगस्त 2026 और NCL जोन के 24 सितंबर 2026 के पत्रों के आधार पर प्रबंधन ने संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का परीक्षण करने के बाद संगठन के अनुरोध को स्वीकार किया।

राष्ट्रीय और जोनल नेतृत्व ने जताई खुशी

इस उपलब्धि पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय शंकर श्रीवास्तव और राष्ट्रीय महामंत्री बीके पटेल ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसे संगठन की एकजुटता और निरंतर प्रयासों का परिणाम बताया।

वहीं, NCL जोन अध्यक्ष प्रकाश पटेल और जोनल महामंत्री श्री अरविन्द शाह ने प्रबंधन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में संगठन से जुड़कर श्रमिक एकता को मजबूत करने की अपील की।

आउटसोर्सिंग और कर्मचारियों के अधिकार होंगे प्रमुख मुद्दे

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति, विभागीय रिक्तियां, कैडर स्कीम, वेतन विसंगतियां, चिकित्सा सुविधाएं और सेवा संबंधी समस्याएं संगठन की प्राथमिकताओं में रहेंगी।

इसके साथ ही कंपनी में बढ़ती आउटसोर्सिंग पर प्रभावी नियंत्रण, कर्मचारियों के रोजगार की सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।

संगठन का मानना है कि चेक ऑफ सिस्टम में शामिल होने से उसे संगठनात्मक मजबूती मिलेगी और कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रबंधन के समक्ष अधिक प्रभावी ढंग से उठाने में मदद मिलेगी।

  • Join the IndustrialPunch WhatsApp Group:Click here
  • industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here
Advertisement
1 अक्टूबर से बदलेंगे ये जरूरी नियम, आम लोगों पर पड़ेगा सीधा असर 1 अक्टूबर से बदलेंगे ये जरूरी नियम, आम लोगों पर पड़ेगा सीधा असर कोल इंडिया की 10 मेगा माइंस ने Q1 में बनाया रिकॉर्ड, SECL, NCL और MCL की खदानों का दबदबा भारत के सर्वाधिक कोयला भंडार वाले सात राज्यों के बारे में जानें: वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान