नई दिल्ली। IndustrialPunch : सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख बिजली कंपनी NTPC Limited पर कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े अनुपालन मामले में BSE और NSE ने अलग-अलग जुर्माना लगाया है। दोनों स्टॉक एक्सचेंजों ने कंपनी पर ₹5,36,900-₹5,36,900 का जुर्माना लगाया है। इस तरह NTPC पर कुल ₹10,73,800 की पेनल्टी बनती है।
यह कार्रवाई SEBI Listing Obligations and Disclosure Requirements (LODR) Regulations के Regulation 17(1) से संबंधित अनुपालन को लेकर की गई है। यह प्रावधान कंपनी के बोर्ड के गठन और उसमें आवश्यक निदेशक संरचना से जुड़ा है।
NTPC ने क्या कहा?
कंपनी के अनुसार संबंधित अनुपालन में निदेशकों की नियुक्ति और हटाने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। NTPC ने बताया है कि कंपनी के बोर्ड में निदेशकों की नियुक्ति/हटाने से संबंधित अधिकार सरकार के पास होने के कारण यह विषय उसके प्रबंधन के सीधे नियंत्रण में नहीं है। इसी आधार पर NTPC ने BSE और NSE से लगाए गए जुर्माने को माफ करने का अनुरोध किया है।
Regulation 17(1) क्यों महत्वपूर्ण है?
SEBI LODR Regulations का Regulation 17 कंपनी के Board of Directors से संबंधित प्रावधानों को निर्धारित करता है। सूचीबद्ध कंपनियों के लिए बोर्ड की संरचना और आवश्यक निदेशक पदों का अनुपालन कॉरपोरेट गवर्नेंस के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। NTPC जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम में बोर्ड की संरचना से जुड़े अनुपालन का महत्व और बढ़ जाता है।
सरकारी नियुक्तियों से जुड़ा है मामला
NTPC का तर्क है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी होने के कारण उसके बोर्ड में कुछ निदेशकों की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है। ऐसे में कंपनी ने एक्सचेंजों के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए पेनल्टी पर पुनर्विचार और उसे माफ करने का अनुरोध किया है।
अब इस मामले में BSE और NSE की ओर से NTPC के अनुरोध पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी।
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