कोरबा, 3 अप्रेल। छत्तीसगढ़ में स्थित नेशनल थर्मल पॉवर कारपोरेशन (NTPC) के तीनों विद्युत संयंत्र कोरबा, सीपत, लारा के प्लांट लोड फैक्टर में कमी आई है। बिजली का उत्पादन भी लक्ष्य से कुछ कम हुआ है।
एनटीपीसी कोरबा
कोरबा में एनटीपीसी का 2600 मेगावाट क्षमता वाला विद्युत संयंत्र प्रचालन में है। वित्तीय वर्ष 2025- 26 में एनटीपीसी कोरबा से 19977.10 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। लक्ष्य 20700 मिलियन यूनिट का था। 2024- 25 के मुकाबले प्लांट लोड फैक्टर में गिरावट दर्ज हुई है। 2024- 25 में पीएलएफ 90.76 प्रतिशत था, जबकि 2025- 26 में यह आंकड़ा गिरकर 87.71 प्रतिशत पर आ गया।
एनटीपीसी सीपत
एनटीपीसी सीपत की उत्पादन क्षमता 2980 मेगावाट है। खत्म हुए वित्तीय वर्ष 2025- 26 में संयंत्र का प्लांट लोड फैक्टर 82.20 प्रतिशत दर्ज हुआ। जबकि 2024- 25 में पीएलएफ 88.06 प्रतिशत था। एनटीपीसी सीपत ने 2025- 26 में 21457.44 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। लक्ष्य 22775 मिलियन यूनिट का था।
एनटीपीसी लारा
रायगढ़ जिले में स्थित एनटीपीसी लारा की उत्पादन क्षमता 1600 मेगावाट है। लारा संयंत्र से 12182.65 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। लक्ष्य 12300 मिलियन यूनिट का था। एनटीपीसी लारा के पीएलएफ में भी गिरावट आई है। 2025- 26 में संयंत्र का पीएलएफ 86.92 प्रतिशत रहा। 2024-25 में यह आंकड़ा 90.24 प्रतिशत था।
Plant Load Factor क्या होता है?
Power Station Economics में Load Factor एक महत्वपूर्ण parameter है। यह plant की average load और maximum demand के बीच ratio को दर्शाता है। Load Factor plant की efficiency, utilization और economic operation को समझने में मदद करता है। Load Factor plant की efficiency और economic operation के लिए महत्वपूर्ण है। High Load Factor से plant की fuel utilization बेहतर होती है और generation cost कम होती है। इसलिए plant operators और planners इसे ध्यान में रखकर operation और maintenance plan करते हैं।
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