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कोरबा, 13 जून। एनटीपीसी लिमिटेड (NTPC Limited) के लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना के तीसरे चरण के विस्तार के लिए 16 जून, 2026 को लोक सुनवाई होगी। विस्तार के तहत 800 मेगावाट क्षमता वाली दो इकाई स्थापित की जाएगी। 11 गांवों की 212 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना के पहले चरण के अंतर्गत स्थापित 800 मेगावाट की दो इकाई परिचालन में है। दूसरे चरण के तहत 800 मेगावाट की दो इकाई निर्माणाधीन है। अब तीसरे चरण के अंतर्गत 800 मेेगावाट की दो यूनिट स्थापित की जाएगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा 16 जून को लोक सुनवाई आयोजित की जा रही है।

एनटीपीसी प्रबंधन के अनुसार तीसरे चरण की दोनों इकाई अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक और एयर-कूल्ड कंडेंसर (ACC) प्रणाली पर आधारित होगी। इस विस्तार से लारा पावर स्टेशन की कुल स्थापित क्षमता 3200 मेगावाट से बढ़कर 4800 मेगावाट हो जाएगी, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा एकल-स्थान थर्मल पावर प्लांट बन जाएगा और विद्युत उत्पादन क्षमता तथा दक्षता में वृद्धि होगी। विस्तार परियोजना की लागत 19168.95 करोड़ रुपए अनुमानित है।

भूमि आवश्यकता

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कुल 1039.09 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। [निजी: 815.26 हेक्टेयर (एनटीपीसी-लारा के स्थायी पट्टे का अधिकार: 811.381 हेक्टेयर और एनटीपीसी-लारा के पूर्ण स्वामित्व का अधिकार: 03.926 हेक्टेयर), सरकारी: 72.26 हेक्टेयर (सरकारी भूमि 72.26 हेक्टेयर एनटीपीसी-लारा के नाम हस्तांतरित की गई) और वन: 151.76 हेक्टेयर (लारा STPP के लिए वन भूमि का परिवर्तन) और 4.02 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में है।] इसके अतिरिक्त, 225.66 हेक्टेयर भूमि (निजी: 212.32 हेक्टेयर, सरकारी: 1.99 हेक्टेयर और वन: 11.35 हेक्टेयर) ऐश डाइक, ऐश पाइप और रोड कॉरिडोर, तथा ग्रीन बेल्ट कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित की जाएगी। (सरकारी भूमि 40.89 हेक्टेयर संबंधित गांवों को CPR भूमि के रूप में सौंप दी गई।) परियोजना के चरण-I, चरण-II और चरण-III में भूमि का विवरण तालिका 1.4 में दिया गया है।

इन गांवों की भूमि का होगा अधिग्रहण

प्रस्तावित परियोजना छत्तीसगढ़ राज्य के जिला रायगढ़ की तहसील पुसौर और जिला सक्ती की तहसील उभरा में स्थित है, जिसमें ग्राम आर्मुड़ा, छपोरा, बोडाझरिया, महलोई, रियापल्ली, कंदागढ़, देवलपुरा, घुटकुपाली, ठेंगापाली, लारा और सराडीह शामिल हैं।

17 साल पहले राज्य सरकार के साथ हुआ था MoU

एनटीपीसी लिमिटेड और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच 12.07.2009 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे, ताकि रायगढ़ जिले के लारा गांव के पास 4000 मेगावाट (5×800 मेगावाट) कोयला आधारित विद्युत परियोजना स्थापित की जा सके। लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना के चरण-1 (2×800 मेगावाट) यूनिटें वाणिज्यिक संचालन में हैं, यूनिट-11 अक्टूबर 2019 से और यूनिट-II 7 नवंबर 2020 से संचालित है, और चरण-II (2×800 मेगावाट) यूनिटें निर्माणाधीन हैं। वर्तमान प्रस्ताव लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना को 3200 मेगावाट [चरण-1 (2×800 मेगावाट) और चरण-II (2×800 मेगावाट)] से बढ़ाकर 4800 मेगावाट करने का है, जिसमें चरण-III (2×800 मेगावाट) के तहत दो अतिरिक्त यूनिटों को अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक और एयर-कूल्ड कंडेंसर के साथ जोड़ा जाएगा। यह एक क्षेत्रीय विद्युत परियोजना के रूप में पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लाभ के लिए प्रस्तावित है। चरण-III के कार्यान्वयन के बाद इस परियोजना की अंतिम क्षमता 4800 मेगावाट होगी।

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