साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ ने 33 युवतियों के सपनों को नई दिशा दी है। इस परियोजना के अंतर्गत छिंदवाड़ा स्थित अपैरल ट्रेनिंग एंड डिज़ाइन सेंटर (ATDC) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 33 युवतियों को देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन के मार्गदर्शन एवं निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास के नेतृत्व में संचालित यह पहल कौशल विकास के माध्यम से युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
चयनित युवतियों को शाही एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, बेंगलुरु तथा अरविंद फैशन (एम/एस वैल्यू फैशन रिटेल लिमिटेड), इंदौर में विभिन्न पदों पर नियुक्ति के लिए ऑफर लेटर प्रदान किए गए। इन युवतियों का चयन क्वालिटी कंट्रोलर, असिस्टेंट सुपरवाइजर, राइटर एवं स्मार्ट ऑपरेटर जैसे पदों के लिए हुआ है। प्रशिक्षण से रोजगार तक का यह सफर इन युवतियों के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई शुरुआत है।
एक वर्ष के निःशुल्क प्रशिक्षण से रोजगार तक का सफर
उल्लेखनीय है कि ये युवतियां पिछले एक वर्ष से एसईसीएल के CSR मद से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत परिधान एवं वस्त्र उद्योग से जुड़ी आधुनिक तकनीकों तथा व्यावहारिक कार्य-कौशल का निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थीं।
प्रशिक्षण के दौरान उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी दक्षता, उत्पादन प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण एवं अन्य संबंधित कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे रोजगार के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं, विशेषकर युवतियों को रोजगार के योग्य बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना और आत्मनिर्भरता के नए अवसर उपलब्ध कराना है। प्रतिष्ठित कंपनियों में इन 33 युवतियों का चयन इस प्रयास की सफलता को दर्शाता है।
बेटियों को मिला पहला रोजगार, अभिभावकों के लिए बना भावुक और गौरवपूर्ण क्षण
नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। अपनी पहली नौकरी का ऑफर लेटर प्राप्त कर युवतियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। वर्षों से संजोए सपनों को साकार होते देख उनके अभिभावकों की आंखों में भी गर्व और भावुकता साफ झलक रही थी।
जिन परिवारों ने अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य और आत्मनिर्भरता का सपना देखा था, उनके लिए यह अवसर विशेष महत्व रखता था। प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार हासिल करना न केवल इन युवतियों की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उनके परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
‘प्रोजेक्ट उड़ान’ के माध्यम से इन युवतियों ने यह साबित किया है कि सही प्रशिक्षण, अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर वे विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और क्षमता का सफल प्रदर्शन कर सकती हैं।
कोरबा, गेवरा, बिश्रामपुर और सोहागपुर में प्रशिक्षण जारी
एसईसीएल द्वारा CSR के अंतर्गत युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में कंपनी के सहयोग से कोरबा, गेवरा, बिश्रामपुर एवं सोहागपुर में निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इस पहल का दायरा और बढ़ाते हुए जल्द ही रायगढ़ में भी एक नया प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ करने की योजना है। इसके माध्यम से क्षेत्र के अधिक से अधिक युवाओं, विशेषकर युवतियों को परिधान एवं वस्त्र उद्योग से जुड़े आधुनिक कौशल सीखने और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने का मौका मिलेगा।
इस अवसर पर निदेशक मानव संसाधन श्री बिरंची दास ने कहा कि एसईसीएल का प्रयास है कि स्थानीय युवाओं को उनकी रुचि और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिलने के साथ-साथ उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आए।
कौशल विकास से महिला सशक्तिकरण और सतत आजीविका को बढ़ावा
‘प्रोजेक्ट उड़ान’ एसईसीएल की CSR गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके माध्यम से कंपनी अपने परिचालन क्षेत्रों एवं आसपास के समुदायों में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन को बढ़ावा दे रही है।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उनके लिए रोजगार के वास्तविक अवसर उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से युवतियों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाकर उन्हें अपने भविष्य के निर्णय लेने में सक्षम बनाना इस परियोजना की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
एसईसीएल की यह पहल दर्शाती है कि कौशल विकास में किया गया निवेश न केवल किसी एक व्यक्ति का भविष्य बदलता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज की प्रगति का माध्यम भी बन सकता है। ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ के अंतर्गत 33 युवतियों को मिला रोजगार इसी सोच का एक प्रेरक उदाहरण है।
इस अवसर पर सी.एम. वर्मा, एडवाइजर (CSR), एसईसीएल, डॉ. रुपाली शुक्ला, निदेशक, ATDC; श्रीमती किरण डहंगा, प्रबंधक (CSR), एसईसीएल, सतीश पटेल, सेंटर हेड एवं प्रोजेक्ट हेड, ATDC छिंदवाड़ा, संस्थान के फैकल्टी सदस्य तथा चयनित युवतियों के अभिभावक उपस्थित रहे।
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