Tuesday, August 11, 2026
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रावघाट रेल लाइन पर तकनीकी ट्रायल शुरू, जल्द दौड़ेगी यात्री ट्रेन, बस्तर को मिलेगी विकास की नई रफ्तार

नक्सल प्रभावित और अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों से गुजरने के कारण इस रेल परियोजना का निर्माण कई चुनौतियों के बीच पूरा किया गया

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दल्लीराजहरा। दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना (Dallirajhara–Rowghat Rail Project) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर लिया है। रावघाट रेलखंड पर नियंत्रित गति और सीमित भार के साथ तकनीकी ट्रायल सफलतापूर्वक शुरू किया गया। इस परीक्षण के दौरान 58 BOXN वैगनों वाले मालगाड़ी रेक का संचालन किया गया। आगामी दिनों में विभिन्न चरणों में ट्रायल जारी रहेगा, जिसके माध्यम से रेल लाइन की परिचालन क्षमता, संरचनात्मक मजबूती और तकनीकी मानकों का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।

करीब 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना का निर्माण सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (SAIL-BSP) और भारतीय रेलवे के संयुक्त प्रयासों से किया जा रहा है। वर्ष 2008 में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद शुरू हुई यह परियोजना केवल रावघाट की लौह अयस्क खदानों को भिलाई इस्पात संयंत्र से जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को देश के रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली एक ऐतिहासिक पहल भी है।

परियोजना में सेल अब तक रेल लाइन निर्माण पर लगभग 1,800 करोड़ रुपये तथा रावघाट परियोजना के समग्र विकास पर करीब 2,000 करोड़ रुपये का निवेश कर चुका है। नक्सल प्रभावित और अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों से गुजरने के कारण इस रेल परियोजना का निर्माण कई चुनौतियों के बीच पूरा किया गया, जिसे इंजीनियरिंग और समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

वर्तमान में रेल लाइन का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। रावघाट रेलवे स्टेशन भवन, यात्री सुविधाओं, सिग्नलिंग एवं दूरसंचार (S&T) प्रणाली सहित शेष कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार जुलाई 2026 के अंत तक स्टेशन परिसर के सभी शेष कार्य पूरे होने की संभावना है। इसके बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा निरीक्षण और सुरक्षा स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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रेलवे अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी ट्रायल का उद्देश्य रेल लाइन की परिचालन तैयारियों का विभिन्न गति और भार परिस्थितियों में परीक्षण करना है। सभी परीक्षण सफल रहने और सीआरएस से अंतिम सुरक्षा स्वीकृति मिलने के बाद इस रेलखंड पर यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा, जिसका बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।

इस परियोजना के सकारात्मक परिणाम पहले ही दिखाई देने लगे हैं। वर्ष 2022 में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के बेहतर अवसर मिले हैं। अब रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होने से इन सुविधाओं का दायरा और बढ़ेगा। साथ ही बस्तर के दूरस्थ इलाकों की पहुंच राज्य और देश के प्रमुख शहरों तक अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम हो जाएगी।

रावघाट रेल परियोजना के पूरा होने के साथ न केवल लौह अयस्क परिवहन को नई गति मिलेगी, बल्कि बस्तर के सामाजिक-आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी एक नई दिशा प्राप्त होगी।

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