नई दिल्ली, 14 July (IndustrialPunch Desk) : वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) की 61वीं वार्षिक आम बैठक (61st Annual General Meeting-AGM) में कंपनी ने आने वाले वर्षों के लिए महत्वाकांक्षी विकास रणनीति पेश की। कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने ‘Vedanta Unlimited’ विजन का ऐलान करते हुए कहा कि डीमर्जर के बाद बनने वाली पांचों कंपनियों में 100-100 अरब डॉलर (100 Billion Dollar) के मूल्यांकन तक पहुंचने की क्षमता है।
FY26 में रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन
AGM के दौरान कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के रिकॉर्ड वित्तीय नतीजे भी साझा किए। वेदांता ने इस दौरान ₹1,74,075 करोड़ का अब तक का सर्वाधिक राजस्व, ₹55,976 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA तथा ₹25,096 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ दर्ज किया।
₹8 लाख करोड़ EBITDA का लक्ष्य
अनिल अग्रवाल ने कहा कि कंपनी का अगला बड़ा लक्ष्य ₹800 बिलियन (करीब ₹8 लाख करोड़) EBITDA हासिल करना है। इसके लिए वेदांता धातु, ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर क्षमता विस्तार कर रही है।
इन क्षेत्रों में होगा बड़ा विस्तार
- एल्युमिनियम : अगले तीन वर्षों में उत्पादन क्षमता 30 लाख टन से बढ़ाकर 60 लाख टन करने का लक्ष्य।
- जिंक एवं लेड : वर्ष 2031 तक उत्पादन बढ़ाकर 30 लाख टन करने की योजना।
- ऑयल एंड गैस : अगले 3–5 वर्षों में 5 अरब डॉलर का निवेश। कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर 5 लाख बैरल प्रतिदिन करने का लक्ष्य।
- पावर : बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 20,000 मेगावाट करने की योजना।
डीमर्जर से मिलेगी नई गति
चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि डीमर्जर के बाद प्रत्येक व्यवसाय स्वतंत्र रूप से कार्य करेगा, जिससे निर्णय लेने की गति बढ़ेगी, पूंजी जुटाने में आसानी होगी और निवेशकों को प्रत्येक व्यवसाय का वास्तविक मूल्यांकन देखने का अवसर मिलेगा।
‘भारत के औद्योगिक भविष्य’ पर जताया भरोसा
AGM में अनिल अग्रवाल ने कहा कि भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और प्राकृतिक संसाधन क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वेदांता इस अवसर का लाभ उठाते हुए एल्युमिनियम, जिंक, कॉपर, स्टील, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) क्षेत्रों में बड़े निवेश जारी रखेगी।
निवेशकों की नजर अब क्रियान्वयन पर
विश्लेषकों का मानना है कि 61वीं AGM में पेश किया गया यह रोडमैप वेदांता के अब तक के सबसे महत्वाकांक्षी विस्तार कार्यक्रमों में से एक है। हालांकि, इन लक्ष्यों की सफलता पूंजी निवेश, परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और वैश्विक कमोडिटी बाजार की स्थिति पर भी निर्भर करेगी।
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