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नागपुर, 31 मई। भारतीय मजदूर संघ (BMS) के नेता सुरक्षा मानकों को ठेंगा दिखाकर खदानों का जायजा लेने पहुंच रहे हैं।

नियम- कायदों के उल्लंघन का दृश्य 25 मई, 2026 को उत्पन्न हुआ था। जानकारी के अनुसार बीएमएस नेता और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) की संचालन समिति के सदस्य आशीष मूर्ति तथा औद्योगिक संबंध प्रभारी फ्रांसिस दारा भटाड़ी खुली खदान पहुंचे थे। खदान निरीक्षण की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं।

तस्वीर में देखा जा सकता है कि दोनों ही श्रमिक नेताओं ने कुर्ता- पायजामा धारण किया हुआ है और सेफ्टी शू भी नहीं पहना है। एक ने तो चप्पल पहन रखी है। दोनों नेता कोल इंडिया (CIL) द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड में भी नहीं थे। आशीष मूर्ति अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के उप महामंत्री भी हैं।

नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले संगठन के नेता ही सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। आशीष मूर्ति वेकोलि मुख्यालय में और फ्रांसिस दारा चंद्रपुर क्षेत्र में कार्यरत हैं। बताया गया है कि दोनों नेता अधिकारिक तौर पर भटाड़ी खुली खदान पहुंचे थे। इन नेताओं के साथ डब्ल्यूसीएल के अधिकारी भी थे।

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यहां बताना होगा कि कोल माइन रेग्यूलेशन- 2017 (Coal Mines Regulation,2017) में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (personal protective equipment) का उल्लेख है। इसके तहत खदान में कार्य अथवा भ्रमण के दौरान हेलमेट, सेफ्टी बूट धारण करना अनिवार्य है। किस तरह के कपड़े पहनने हैं यह भी निर्धारित है। ओपनकास्ट और अंडरग्राउंड माइंस, दोनों के लिए नियम बने हुए हैं। व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण धारण करवाने की जवाबदारी खान प्रबंधक और सुरक्षा अधिकारी की होती है।

प्रबंधन पर दबाव बनाने खदान का निरीक्षण किया

दूसरी ओर सूत्र बता रहे हैं कि आशीष मूर्ति और फ्रांसिस दारा एक अन्य संगठन के नेता के प्रमोशन के मुद्दे को लेकर पहुंचे थे। भटाड़ी खदान क्षेत्र में एक डोजर डूब गया था। इस बहाने वे दोनों नेता प्रमोशन मामले में प्रबंधन पर दबाव बनाने की मंशा से खदान निरीक्षण करने पहुंच गए।

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