नागपुर। कोयला चोरी अथवा अवैध उत्खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम,1957 की धारा 21(4), 22, 23B एवं 24 के तहत वेकोलि के सुरक्षा तथा कुछ खनन क्षेत्रों में तैनात केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के अधिकारियों को महत्वपूर्ण वैधानिक शक्तियां प्रदान की हैं।
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न्यायालय में कार्यवाही का अंतर: सबसे महत्वपूर्ण बदलाव न्यायालय में कार्यवाही को लेकर है। पहले खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम,1957 के अपराध में न्यायालय द्वारा संज्ञान के लिए पुलिस अधिकारीयों की लिखित शिकायत आवश्यक थी। अब वेकोलि के अधिसूचित अधिकारियों तथा केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के अधिकारियों को भी इस उद्देश्य से अधिकार मिलने के कारण, वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वयं सक्षम न्यायालय में लिखित शिकायत प्रस्तुत कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू करा सकेंगे।
तलाशी एवं निरीक्षण की शक्ति: इसके साथ धारा 23B के तहत तलाशी तथा धारा 24 के तहत प्रवेश, निरीक्षण और जांच की शक्तियाँ भी अधिकृत अधिकारियों को प्राप्त हुई हैं। इससे खनन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के सामने आने पर पता लगाने से लेकर न्यायालय तक मामला पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक सुगम और प्रभावी होगी।
वेकोलि के लिए महत्व: वेकोलि (WCL) के लिए यह व्यवस्था विशेष महत्व रखती है, क्योंकि इससे सुरक्षा व्यवस्था को केवल निगरानी तक सीमित न रखकर अवैध खनन एवं कोयला चोरी के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही से जोड़ा गया है। हाल ही में इन शक्तियों को पूर्ण रूप से लागू करने हेतु वेकोलि के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉक्टर हेमंत शरद पांडे ने महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के डीजीपी तथा मुख्य सचिव को पत्र निर्गत करते हुए इन विशेष अधिकारों की जानकारी दी। साथ ही, राजपत्र अधिकृत अधिकारियों को दो दिन का प्रशिक्षण WCL के सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र में प्रदान किया गया जिसमें वेकोलि के निदेशक (वित्त/मानव संसाधन) श्री बिक्रम घोष तथा सुरक्षा विभाग के सभी अधिकारीगण, क्षेत्रीय नोडल अधिकारी (सुरक्षा) खास तौर पर जुड़े।
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वेकोलि के विभागाध्यक्ष (सुरक्षा) सह मुख्य सुरक्षा अधिकारी ले कमांडर (डॉ) विक्रान्त मलहन ने MMDR Act, 1957 की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कहा की केन्द्र सरकार द्वारा दिए गए इन नए मापदंडों एवं प्रावधानों से कोयला चोरी एवं अवैध उत्खनन पर पूर्ण रूप से अंकुश लगेगा जिसके लिए पुलिस एवं राज्य सरकार का पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने इन विषयों पर टोल फ्री नंबर 1800-233-5506/07 भी शुरू किया है जिसके द्वारा कोई भी साधारण नागरिक 24 ×7 कभी भी कोई भी जानकारी प्रदान कर सकता है जिस पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी। साथ ही इस नए प्रावधानों में 150 अधिकारियों को अधिकृत किया गया है ताकि प्रत्येक कोयला उत्खनन क्षेत्र में इस गतिविधि को सुचारू रूप से चलाया जा सके।
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