Tuesday, September 22, 2026
Home Industrial (हिंदी) एम्प्लोयी एवं यूनियन WCL सदस्यता सत्यापन प्रथम चरण : HMS का दबदबा कायम, BMS पर...

WCL सदस्यता सत्यापन प्रथम चरण : HMS का दबदबा कायम, BMS पर बनाई निर्णायक बढ़त

डब्ल्यूसीएल में एचएमएस सदस्यता के मामल में पांच साल से टॉप पर बना हुआ है। छठवें साल भी टॉप पर बने रहने की पूरी संभावना है।

Advertisement

नागपुर। IndustrialPunch : वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) में प्रथम चरण के चार दिवसीय सदस्यता सत्यापन के 22 सितंबर 2026 के अंतिम दिन के प्रगतिशील आंकड़ों के अनुसार पांच प्रमुख श्रमिक संगठनों की कुल सदस्यता 24,754 दर्ज हुई है। इनमें HMS 9,023 सदस्यों के साथ सबसे आगे, जबकि BMS 8,256 सदस्यों के साथ दूसरे स्थान पर है। AITUC के 4,376, INTUC के 2,394 और CITU के 705 सदस्य दर्ज किए गए हैं।

शिवकुमार यादव के नेतृत्व में एचएमएस ने पहले चरण में अपना दबदबा कायम रखा है। सदस्यता सत्यापन का दूसरा चरण 28 एवं 29 सितंबर को होगा। डब्ल्यूसीएल में एचएमएस सदस्यता के मामल में पांच साल से टॉप पर बना हुआ है। छठवें साल भी टॉप पर बने रहने की पूरी संभावना है।

किस क्षेत्र में कौन आगे?

22 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार चंद्रपुर, वानी, उमरेर, नागपुर, माजरी और बल्लारपुर को छोड़कर शेष क्षेत्रों में अलग-अलग यूनियनों की स्थिति में अंतर देखने को मिला है। क्षेत्रवार सदस्यता में नागपुर में HMS 2,441 सदस्यों के साथ सबसे आगे, चंद्रपुर में HMS 1,363 और वानी में HMS 1,178 सदस्यों के साथ शीर्ष पर है।

Advertisement

वहीं वानी नॉर्थ में BMS 870, पेंच में BMS 1,009, कन्हान में BMS 472, पाथाखेड़ा में BMS 930, CWS ताडाली में BMS 148, WCL मुख्यालय एवं WTI में BMS 263 और PAP-HEMM एवं SDC में BMS 42 सदस्यों के साथ आगे है। बल्लारपुर में AITUC 937 और माजरी में AITUC 457 सदस्यों के साथ सबसे अधिक सदस्यता वाली यूनियन है।

कुल 24,754 सदस्यता में अनुमानित हिस्सेदारी

  • HMS — 36.45%
  • BMS — 33.35%
  • AITUC — 17.68%
  • INTUC — 9.67%
  • CITU — 2.85%
  • Join the IndustrialPunch WhatsApp Group:Click here
  • industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join
Advertisement
कोल इंडिया की 10 मेगा माइंस ने Q1 में बनाया रिकॉर्ड, SECL, NCL और MCL की खदानों का दबदबा भारत के सर्वाधिक कोयला भंडार वाले सात राज्यों के बारे में जानें: वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान कोल इंडिया ने डिस्पैच का टारगेट भी किया कम, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया लक्ष्य कोल इंडिया ने घटाया लक्ष्य, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया टारगेट