कोलकाता। कोल इंडिया ने शुक्रवार को कोयले के आयातकों के लिए ई-नीलामी की एक विशेष श्रेणी लांच की है। यह कोयला आयात को शून्य पर लाने के लिए सरकार की घोषणा के अनुरूप है। यानी कोयले में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक पहल है।

कोई भी ग्राहक जिसने चालू वर्ष के दौरान कोयले का आयात किया है, वे उक्त ऑक्शन में भाग ले सकेंगे। रोड सेल यानी सड़क परिवहन का उपयोग करनेवाली कंपनियों के लिए न्यूनतम बोली की मात्रा 25 हजार टन आंकी गई है। रेल मोड का उपयोग करनेवालों के लिए यह 50 हजार टन है। सीआईएल के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों के लिए अपने कोयले की बिक्री बढ़ाने के लिए एक नया अवसर मिलने जा रहा है। ई-नीलामी एमएसटीसी और एम जंक्शन के माध्यम से होगी। कोल इंडिया जल्द ही अगस्त 2020-मार्च 2021 की अवधि के लिए नीलामी कैलेंडर की घोषणा करेगी।

कोल इंडिया मिशन मोड के तहत आयातित कोयले को कम कर घरेलू आपूर्ति को बढ़ाएगी। इस प्रक्रिया में कंपनी ने घरेलू कोयला-आधारित बिजली संयंत्रों और गैर-बिजली क्षेत्र के उपभोक्ताओं को चिह्नित किया है। स्पंज आयरन, सीमेंट, कैप्टिव पावर उत्पादकों, उर्वरक उत्पादकों, स्टील और अन्य कंज्यूमर कोयला ले सकेंगे।

स्पेशल ई-ऑक्शन सफल हुआ तो बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा की बचत होगी। पिछले वित्त वर्ष के दौरान लगभग 150 मिलियन टन कोयले का आयात किया गया है। इसी सप्ताह सीएमडी मीट में फोर्ड इंडिया प्रबंधन में अनुषंगी कंपनियों के सभी सीएमडी को स्पेशल ई-ऑक्शन की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी थी। तभी संकेत दे दिया गया था कि बहुत जल्दी ही स्पेशल ई-ऑक्शन ऑफर लांच किया जाएगा।

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