वाराणसी, 4 जुलाई 2026 : कोयला खान भविष्य निधि संगठन (CMPFO) के न्यासी बोर्ड (Board of Trustees) की 186वीं बैठक शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता कोयला मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव श्रीमती रूपिंदर ब्रार ने की। बैठक में केंद्र सरकार, कोयला कंपनियों, नियोक्ता संगठनों, कर्मचारी प्रतिनिधियों, कोयला मंत्रालय तथा सीएमपीएफओ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
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बैठक की शुरुआत में सीएमपीएफओ के आयुक्त सजीश कुमार एन. ने बोर्ड के समक्ष विभिन्न एजेंडा बिंदुओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने भविष्य निधि (पीएफ), पेंशन योजनाओं, डिजिटल सेवाओं और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कार्यों में हुई प्रगति की जानकारी देते हुए नीतिगत, प्रशासनिक, वित्तीय एवं परिचालन संबंधी प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखे।
पीएफ ब्याज दर में कटौती पर नहीं बनी सहमति
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ पर ब्याज दर को 7.7 प्रतिशत से घटाकर 7.6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रहा। कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया और कहा कि कर्मचारियों के हितों को देखते हुए ब्याज दर में किसी भी प्रकार की कटौती स्वीकार्य नहीं होगी। विरोध के बाद इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका और मामला आगे के विचार के लिए छोड़ दिया गया।
पेंशन सुधार और सेवा गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर
बोर्ड ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने, दावों के समयबद्ध निपटान, प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने तथा सेवा वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
लंबित मामलों के समाधान के लिए बनेगी उप-समिति
बैठक में लंबे समय से लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए एक उप-समिति (सब-कमेटी) गठित करने पर भी सहमति बनी। यह समिति लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर उनके त्वरित निपटारे के लिए आवश्यक सुझाव देगी।
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रूपिंदर ब्रार ने दिए सुशासन के निर्देश
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त सचिव श्रीमती रूपिंदर ब्रार ने कोयला क्षेत्र के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराने में सीएमपीएफओ की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था को सुशासन, डिजिटल रूपांतरण, हितधारक-केंद्रित सेवाओं और बोर्ड के निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन पर लगातार काम करना चाहिए, ताकि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अधिक पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें।
बैठक में बोर्ड सदस्यों ने भी विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर अपने सुझाव दिए और सीएमपीएफओ के कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा लाभार्थी-केंद्रित बनाने पर बल दिया। ब्याज दर से जुड़े अंतिम निर्णय पर अब संबंधित स्तर पर आगे विचार किया जाएगा।
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