नई दिल्ली, 08 जुलाई। देशव्यापी आम हड़ताल (Strike) के लिए 10 केन्द्रीय श्रमिक संगठनों (Central Trade Union) तथा सम्बद्ध यूनियन ने कमर कस ली है। पब्लिक सेक्टर सहित बैंकिंग, इंश्योरेंस, पोस्टल, हाईवे, कंस्ट्रक्शन, स्टेट ट्रांसपोर्ट आदि प्रतिष्ठानों के 30 करोड़ कर्मचारी कामबंद हड़ताल पर रहेंगे।
हड़ताल का बैंकों के कामकाज पर खासा असर पड़ने के आसार हैं। अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ, बंगाल प्रांतीय बैंक कर्मचारी संघ, भारतीय बैंक कर्मचारी महासंघ (बीईएफआई) हड़ताल में सम्मिलित है। AITUC, HMS, CITU, INTUC, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC ने एक मंच पर आकर सरकारी नीतियों के खिलाफ हड़ताल का आवाहन किया है।
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बैंक कर्मचारी संघ ने कहा, केंद्र सरकार की श्रम-विरोधी नीतियों और कॉरपोरेट समर्थक आर्थिक सुधारों के खिलाफ वो हड़ताल पर जाएंगे। संघ का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
यूनियन फोरम की माने तो इस हड़ताल में 25 से 30 करोड़ कर्मचारी शामिल होंगे। उनके अलावा किसान और मजदूर भी इस देशव्यापी हड़ताल का हिस्सा हैं। कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि उनकी 17 सूत्रीय मांगों पर सरकार की ओर से लगातार अनदेखी की जा रही है।
ये सेक्टर हड़ताल से होंगे प्रभावित
- बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर
- पोस्टल डिपार्टमेंट
- कोल साइनिंग और फैक्ट्री
- स्टेट ट्रांसपोर्ट
- पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज









