कोरबा, 14 अगस्त। अन्य महारत्न कंपनियों के बराबर कोल अफसरों को भी वेतन प्रदान किए जाने की अनुशंसा कमेटी ने की है। वेतन उन्नयन (Pay upgradation) के मुद्दे को लेकर कोयला मंत्रालय (Coal Ministry) द्वारा 19 मार्च, 2025 को कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी अपनी रिपोर्ट जबलपुर हाईकोर्ट में प्रस्तुत करेगी। हालांकि अभी कोल मंत्री ने रिपार्ट पर अपनी अनुशंसा नहीं की है।
यहां बताना होगा कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CMOAI Apex) द्वारा अधिकारियों की वेतन विसंगति को लेकर लड़ाई लड़ी जा रही है। सीएमओएआई बीपीसीएल, ओएनजीसी, भेल, गेल, नालको जैसी महारत्न कंपनियों की तरह वेतन लागू करने मांग कर रहा है।
सीएमओएआई ने 30 अगस्त, 2023 को पे- अपग्रेडेशन को लेकर प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। लगभग दो साल बाद कोयला मंत्रालय ने इस मसले को लेकर संयुक्त सचिव बीपी पति की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया। कमेटी ने 24 मार्च, 1 अप्रेल, 24 अप्रेल, 5 मई, 15 मई, 21 मई, 15 जुलाई, 30 जुलाई और एक अगस्त बैठक की। इसे बाद निष्कर्ष निकाला और अनुशंसा की गई।
बताया गया है कि कमेटी की रिपोर्ट जबलपुर हाईकोर्ट में पेश की जाएगी। कोर्ट के निर्देश के बाद आगे की कार्यवाही होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उक्त मामले को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई की जा रही है। 22 जुलाई को सुनवाई में हाईकोर्ट ने कमेटी की रिपोर्ट जमा करने का निर्देश देते हुए 6 अगस्त को अगली सुनवाई की तारीख तय की थी, लेकिन मुख्य न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।
कमेटी द्वारा की गई अनुशंसा इस प्रकार है :
I. कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के अधिकारियों के वेतनमान में अन्य केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) के अधिकारियों के वेतनमान के साथ समानता लाने के लिए, CIL में वेतनमान का पुनरीक्षण, इसके बोर्ड द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव के अनुसार होना चाहिए, जो पत्र संख्या CIL/D(P&IR):Sectt/005/34/Payupgradation/97 दिनांक 30.08.2023 के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। प्रस्तावित संरचना का संक्षिप्त विवरण परिशिष्ट में दिया गया है।
II. समिति सिफारिश करती है कि CIL के अधिकारियों की प्रत्यक्ष भर्ती 60,000 – 1,80,000 के प्रारंभिक वेतनमान में की जाए।
iii. समिति सिफारिश करती है कि कोल इंडिया लिमिटेड के सभी श्रेणी के कर्मचारियों के लिए समान समयावधि में समय-समय पर वेतन पुनरीक्षण/मजदूरी पुनरीक्षण तथा उससे जुड़े लाभ किए जाएं।
iv. वेतनमान (जैसा कि बिंदु। में उल्लेखित है) लागू करते समय, CIL को यह सुनिश्चित करना होगा कि अन्य सभी वेतन पुनरीक्षण दिशानिर्देश, जो DPE OM संख्या W-02/0028/2017-DPE (WC)-GL-XIII/17 दिनांक 03 अगस्त 2017 में निर्दिष्ट हैं, का कड़ाई से पालन हो।
v. प्रत्येक अधिकारी का वेतन CIL के बोर्ड द्वारा अनुशंसित पैमाने के अनुसार तय करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि इससे किसी भी प्रकार का अनुचित आर्थिक लाभ पदोन्नति में असमानता न हो।
vi. कोयला मंत्रालय/कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा अधिकारियों के वेतन पुनरीक्षण के संबंध में जारी किए गए अन्य सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
कमेटी द्वारा निकाला गया निष्कर्ष इस प्रकार है :
1. सीआईएल के अधिकारियों का वर्तमान वेतन संशोधन सीआईएल के दिनांक 08.08.2018 के कार्यालय ज्ञापन संख्या 2972 के अनुसार 01.01.2017 से प्रभावी है। समिति ने यह भी पाया कि कोयला मंत्रालय ने 06.08.2018 को सीआईएल को Presidential Directives जारी करते हुए उल्लेख किया है कि “वेतनमान उन्नयन के सीआईएल के प्रस्ताव की अलग से जाँच की जाएगी”
2. कार्यपालकों के वेतनमान के अनुमोदन हेतु डीपीई के दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रत्येक सीपीएसई के निदेशक मंडल को अपनी वेतन क्षमता के आधार पर वेतन संशोधन के प्रस्ताव पर विचार करना होगा और उसे अनुमोदन हेतु अपने प्रशासनिक मंत्रालय को प्रस्तुत करना होगा। संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय प्रत्येक सीपीएसई के संबंध में अपने वित्तीय सलाहकार की सहमति से राष्ट्रपति के निर्देश अलग-अलग जारी करेगा। जारी किए गए Presidential Directives की एक प्रति लोक उद्यम विभाग को पृष्ठांकित की जा सकती है। इसलिए डीपीई के अनुमोदन की कोई आवश्यकता नहीं है।
3. सीआईएल के कार्यपालकों का वेतन संशोधन प्रत्येक दस वर्ष बाद किया जाता रहा है, जबकि गैर-कार्यपालकों का वेतन संशोधन प्रत्येक पाँच वर्ष बाद होता है।
4. उपरोक्त पृष्ठभूमि को देखते हुए, बोर्ड ने 457वें सीआईएल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। 23.08.2023 को आयोजित बोर्ड की बैठक, जिसे सीआईएल के पत्र संख्या 97 दिनांक 30.08.2023 के माध्यम से मंत्रालय को भेजा गया था, की जांच वेतनमान, अधिकारियों के प्रवेश स्तर, वित्तीय स्थिति आदि की तुलना अन्य समान महारत्न और अनुसूचित कंपनियों के साथ करके की गई थी।
i. समिति ने पाया कि समान स्थिति वाले कई सीपीएसई ₹60,000 के प्रारंभिक वेतनमान के साथ प्रवेश स्तर के अधिकारियों के लिए नए उम्मीदवारों की भर्ती के लिए विज्ञापन देते हैं। इसे देखते हुए, समिति का विचार है कि, कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों का प्रवेश स्तर का वेतनमान अन्य सीपीएसई के समान रखना उचित है।
ii. कोल इंडिया लिमिटेड के बोर्ड द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव में उल्लिखित अधिकारियों के प्रस्तावित वेतनमान और ग्रेड अन्य समान स्थिति वाले सीपीएसई के अनुरूप हैं।
iii. 30.08.2023 को प्रस्तुत कोल इंडिया लिमिटेड के बोर्ड द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव को लागू करके, डीपीई द्वारा दिनांक 24.11.2017 के कार्यालय ज्ञापन द्वारा जारी वेतन संशोधन दिशानिर्देश को भी संबोधित किया जा सकता है।
5. यह देखा गया है कि समिति द्वारा तुलना किए गए अधिकांश सीपीएसई में सभी श्रेणियों के कर्मचारियों, अर्थात् गैर-कार्यकारियों और अधिकारियों, दोनों के वेतन और/या वेतन संशोधन दस वर्षों के अंतराल पर किए जाते हैं।
6. यह देखा गया है कि, अधिकांश CPSE ने CIL की तुलना में E7 ग्रेड तक सभी ग्रेडों में अपने प्रत्यक्ष भर्ती वाले अधिकारियों के लिए एक वेतनमान/दो वेतनमान अधिक अपनाए हैं। इन CPSE ने E6 से E8 ग्रेड के अधिकारियों के लिए भी समान वेतनमान बनाए रखा है।
7. समिति ने सभी पक्षों द्वारा प्रस्तुत सभी दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए पाया कि अधिकारियों और गैर-अधिकारियों के वेतन ढांचे में असमानता मुख्य रूप से संशोधनों की अलग-अलग आवधिकता के कारण उत्पन्न हुई है।
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