Advertisement

नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में फ्यूचर कोल इंडिया चैप्टर लॉन्च किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) ने भारत की ग्रोथ स्टोरी और विकसित भारत को बनाने में कोल सेक्टर की अहम भूमिका के बारे में बात की, जो बिजली उत्पादन में लगभग 73 प्रतिशत और प्राइमरी एनर्जी ज़रूरतों में 55 प्रतिशत का योगदान देता है।

कोयला मंत्री ने सस्टेनेबिलिटी और एनर्जी ट्रांज़िशन की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिनिस्ट्री द्वारा किए जा रहे सुधारों की जानकारी दी और बताया कि यह ‘रिफॉर्म, रिफॉर्म और रिफॉर्म’ की भावना से गाइडेड हैं।

रेड्डी ने बताया कि इन बड़े सुधारों में कोल गैसीफिकेशन में इन्वेस्टमेंट, पूरी तरह से मैकेनाइज्ड माइनिंग-टू-साइडिंग ऑपरेशन के लिए फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी), 74,000 हेक्टेयर ज़मीन को ठीक करने के मकसद से मिशन ग्रीन, और साइंटिफिक तरीके से माइन क्लोजर, वगैरह शामिल हैं।

कोयला मंत्री ने 136 कमर्शियल कोल ब्लॉक की नीलामी, वैगन लोडिंग का समय 3.5 घंटे से घटाकर 1 घंटा करना, 15 कोयला खदानों को साइंटिफिक तरीके से बंद करना और 4 लाख से ज़्यादा रोज़गार के मौके पैदा करने की जानकारी दी।

Advertisement

कोयला सेक्टर की फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी, परफॉर्मेंस और मॉडर्नाइजेशन के लिए मिनिस्ट्री के कमिटमेंट पर ज़ोर देते हुए श्री रेड्डी ने फ्यूचर कोल इंडिया चैप्टर की अहम भूमिका के बारे में बात की।

कोयला मंत्री ने सभी स्टेक होल्डर्स जिसमें प्राइवेट सेक्टर और राज्य सरकारें भी शामिल है, से कोयले में आत्मनिर्भरता और कोयले के इंपोर्ट को कम करने के लिए पार्टनरशिप में काम करने की अपील की।

इस अवसर पर कोयला सचिव विक्रम दत्त, रूपिंदर बरार, सीआईएल चेयरमैन बी साईराम, पूर्व चेयरमैन पीएम प्रसाद आदि उपस्थित रहे।

industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join

Advertisement