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सेवा से जुड़े मामलों में लगातार जुड़ाव और समय पर समाधान की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी; पृथ्वी विज्ञान और राज्य मंत्री पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग, डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि सभी विभागों में प्रशासनिक दक्षता और करियर में प्रगति सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ व्यवस्थित बातचीत ज़रूरी है।

डॉ. जितेंद्र सिंह “सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ” और “केंद्रीय सचिवालय समूह-सी कर्मचारी संघ” सहित कर्मचारी निकायों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें सर्वे ऑफ इंडिया, इसरो, इंडिया पोस्ट और अन्य संबद्ध संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे, जहां कैडर पुनर्गठन, पदोन्नति और सेवा शर्तों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके नेतृत्व में कैडर प्रबंधन और पदोन्नति प्रक्रियाओं में हाल ही में कई नई शुरूआत की गई हैं।

उन्होंने बताया कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सक्रिय दृष्टिकोण के चलते हाल के वर्षों में 10,000 से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है, जिससे कर्मचारियों को काफी लाभ हुआ है और कई सेवाओं में विकास की बाधाओं को दूर करने में मदद मिली है। उन्होंने इन सुधारों को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शन और सहयोग देने के लिए मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को धन्यवाद दिया और स्वीकार किया कि इन उपायों का सभी विभागों में करियर की उन्‍नति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

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प्रतिनिधिमंडलों ने मंत्री के समक्ष कैडर पुनर्गठन, वेतन समानता, भत्ते और पदोन्नति के अवसरों से संबंधित कुछ विषय भी रखे, विशेष रूप से सर्वे ऑफ इंडिया और इसरो जैसे संगठनों में। प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार के निरंतर मार्गदर्शन में, इन विषयों को एक सुनियोजित और आपसी सहयोग के माध्‍यम से हल किया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल ने पदोन्नति की गति के लिए विभाग की प्रशंसा की और कहा कि अपेक्षाकृत कम समय में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लाभ मिला है। उन्होंने पाया अभी की गई शुरूआतों ने लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने में मदद की है और इनसे काफी मदद मिली है। कार्यान्वयन की समयसीमा और विभागों में एकरूपता से संबंधित कुछ चिंताएं भी उठाई गईं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने उठाए गए विषयों का जवाब देते हुए प्रतिनिधिमंडलों को आश्वासन दिया कि उनकी चिंताओं की जांच संबंधित विभागों के परामर्श से की जाएगी। उन्होंने व्यवस्थित अनुवर्ती कार्रवाई, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय और सेवा संबंधी मामलों के समय पर समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक का समापन विचारों के रचनात्मक आदान-प्रदान और कर्मचारियों की चिंताओं को दूर करने तथा सभी विभागों में प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने के लिए संवाद जारी रखने के परस्‍पर सहयोग के साथ हुआ।

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