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कोरबा, 25 अप्रेल। हिन्द मजदूर सभा (HMS) के वरिष्ठ नेता नाथूलाल पाण्डेय के फैसले को लेकर एसईसीएल गेवरा- दीपका क्षेत्र के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है। नाथूलाल पाण्डेय द्वारा नियुक्त प्रभारियों के आदेश को निरस्त करने की मांग रजिस्ट्रार से की गई है। पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बैठक कर इस आशय का निर्णय किया है।

एचएमएस से सम्बद्ध कोयला मजदूर सभा गेवरा- दीपका क्षेत्र एवं सीईडब्ल्यूएस के 72 पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने हस्ताक्षर कर एक पत्र पंजीयक, व्यवसायिक संघ, रायपुर को भेजा है। इसमें उल्लेख किया गया है कि कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पाण्डेय द्वारा एसईसीएल के समस्त क्षेत्रों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। कोयला मजदूर सभा के संविधान में प्रभारी पदाधिकारियों का कोई उल्लेख नहीं है। ऐसा कर नाथूलाल पाण्डेय द्वारा संविधान का उल्लंघन किया गया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि नाथूलाल पाण्डेय कोयला मजदूर सभा शाखा एवं क्षेत्रीय समितियों का क्षेत्राधिकार एवं शक्तियों को स्वंय के प्रयोग में लाना चाहते हैं।

 

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रजिस्ट्रार को बताया गया है कि प्रभारी नियुक्त करने जैसा कोई प्रस्ताव किसी की स्तर पर न प्रस्तुत किया गया है और न ही अनुमोदित किया गया है। प्रभारी नियुक्त करने से पूर्व किसी भी क्षेत्रीय एव शाखा समिति से कोई राय नहीं ली गई है। नाथूलाल पाण्डेय द्वारा एकतरफा और अधिनायकवादी प्रवृत्ति से आदेश जारी कर प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, जो संविधान और श्रम संगठन के परस्पर सहमति सिद्धांत के विपरीत है। इसलिए इस आदेश को निरस्त किया जाना उचित होगा।

पाण्डेय ने चार प्रभारी नियुक्त किए थे

यहां बताना होगा कि कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पाण्डेय ने 8 अप्रेल, 2026 को एक कार्यालय आदेश के माध्यम से चार प्रभारियों की नियुक्ति की थी। केदारनाथ अग्रवाल, योगेन्द्र मिश्रा, अक्षय तिवारी, अरूण कुमार झा को प्रभारी नियुक्त करते हुए अलग- अलग कार्यक्षेत्रों की जवाबदारी दी गई थी। नाथूलाल पाण्डेय के प्रभारी नियुक्त किए जाने के निर्णय को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी।

रजिस्ट्रार को भेजा गया पत्र एवं संविधान : KMS Gevra Dipka

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