कोरबा, 10 जून। आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों से घिरे नाथूलाल पाण्डेय को हिंद मजदूर सभा (HMS) से किनारे लगाने की तैयारी है, ऐसा सूत्रों ने जानकारी दी है। कोयला मजदूर सभा (KMS) की सम्बद्धता (Affiliation) समाप्त कर इसे अंजाम दिया जाएगा।
कोल जगत के श्रमिक क्षेत्र में नाथूलाल पाण्डेय एक जाना पहचाना नाम और चेहरा है। श्री पाण्डेय हिंद मजदूर सभा से सम्बद्ध कोयला मजदूर सभा की अगुवाई करते हैं। वे केएमएस के जनरल सेक्रेटरी हैं। कोयला मजदूर सभा कोल इंडिया की दूसरी बड़ी अनुषांगिक कंपनी एसईसीएल के औद्योगिक संबंध (IR) का हिस्सा है। इस लिहाजा से एसईसीएल के तमाम समितियों में कोयला मजदूर सभा का प्रतिनिधित्व एवं इसके प्रतिनिधियों की भागीदारी है।
इधर, सूत्रों ने जानकारी दी है कि हिंद मजदूर सभा का हाईकमान कोयला मजदूर सभा की सम्बद्धता समाप्त कर सकता है। यदि यह निर्णय लिया गया तो एसईसीएल के आईआर से भी कोयला मजदूर सभा और इसके नेताओं को बाहर होना पड़ेगा। एसईसीएल में हिंद मजदूर सभा से जुड़ी यूनियन कोयला मजदूर पंचायत भी क्रियाशील है।
बताया जा रहा है कि कोयला मजदूर सभा की सम्बद्धता समाप्त कर कोयला मजदूर पंचायत को एसईसीएल के आईआर का हिस्सा बनने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। ऐसा होता है तो नाथूलाल पाण्डेय को कोल इंडिया और एसईसीएल की तमाम कमेटियों से हाथ धोना पड़ेगा।
KMS की सम्बद्धता खत्म करने की चर्चा क्यों
यहां बताना होगा कि नाथूलाल पाण्डेय पर आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगे हैं कि उन्होंने यूनियन के पैसों को लोन के तौर पर अपने एवं बेटों के स्वामित्व वाली कंपनी एवं अन्य को दो करोड़ 86 लाख रुपए का भुगतान किया है। इसकी शिकायत एचएमएस के राष्ट्रीय महासचिव से की गई थी। 29 सितम्बर, 2025 को आयोजित हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन की वर्किंग कमेटी की बैठक में नाथूलाल पाण्डेय के संदर्भ में प्रस्तुत की गई शिकायत पर जांच बिठाई गई। जांच की जवाबदारी कोयला मजदूर सभा, एसईसीएल के अध्यक्ष रेशम लाल यादव को सौंपी गई। रेशम लाल यादव ने तीन सदस्यीय कमेटी (हरि यादव, तरूण कुमार सहा, अख्तर जावेद उस्मानी) के साथ जांच प्रारंभ की। जांच कमेटी ने 30 नवम्बर, 2025 को शिकायतकर्ता अमलेन्दु बिश्वास का बयान दर्ज किया। जांच कमेटी ने 3 दिसम्बर, 2025 को नाथूलाल पाण्डेय को बैंक पासबुक एवं अन्य दस्तावेज के साथ उपस्थित होने पत्र भेजा, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। जांच कमेटी द्वारा 20 दिसम्बर, 2025 एवं 13 मार्च, 2026 को भी नाथूलाल पाण्डेय को दस्तावेज के साथ अपना पक्ष रखने उपस्थित होने पत्र भेजा गया। नाथूलाल पाण्डेय द्वारा न तो कमेटी के समक्ष उपस्थिति दी गई और न ही कोई प्रतिक्रिया एवं जवाब प्रस्तुत किया गया। इसके बाद कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष को सौंप दी।
दूसरी जांच कमेटी का भी नहीं किया सामना
इधर, इसके बाद एचएमएस नेता शिवकुमार यादव, सिद्धार्थ गौतम, रेशमलाल यादव द्वारा भी गेवरा पहुंचकर जांच के लिए नाथूलाल पाण्डेय का उपस्थित होने सूचना दी गई थी, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। बताया जा रहा है कि इस जांच कमेटी ने अनुशंसा की है कि कोयला मजूदर सभा की सम्बद्धता एचएमएस से समाप्त कर दी जाए। नई दिल्ली में 27 जून, 2026 को एचएमएस की बैठक होनी है। संभावना है कि इसमें इस आशय का निर्णय लिया जा सकता है। दूसरी ओर नाथूलाल पाण्डेय पर मनमाना तरीके से संगठन में लोगो की नियुक्ति और परिवारवाद का आरोप भी है। एसईसीएल में सदस्यता के मामले में एचएमएस दूसरे स्थान पर भी खिसक गई है।
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