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कोरबा, 01 मई। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (International Labour Day) के अवसर पर जारी शुभकामना संदेश में कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी कामगारों को कोयला उद्योग की नींव बताया।

किशन रेड्डी ने कहा कि भविष्य की ओर देखते हुए, मंत्रालय एक समग्र वर्कर- फर्स्ट कल्याण सुधार कार्यक्रम चला रहा है ताकि सभी श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए बेहतर परिस्थितियां बनाई जा सकें। कोयला मंत्रालय के तत्वावधान में, कोल इंडिया लिमिटेड ने 23 मॉडल अस्पताल, 33 मॉडल कॉलोनियां, 32 मॉडल स्कूल और 30 मॉडल खेल परिसर विकसित कर रहा है, जिन्हें प्रथम चरण में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। परिवारों की सक्रिय भागीदारी के लिए वर्षभर विभिन्न खेल गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।

सेवानिवृत्त और सेवारत, दोनों ही तरह के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को दूर करते हुए C-CARES Version 2.0 पोर्टल और मोबाइल ऐप के शुभारंभ और सफल संचालन ने भविष्य निधि और पेंशन लाभों के समय पर निपटान को सहज बनाया है। योगदान आधारित सेवानिवृत्ति चिकित्सा योजना उन 1,13,898 लाभार्थियों और उनके जीवनसाथियों को चिकित्सा सहायता प्रदान कर रही है, जिन्होंने कोयला कंपनियों में वर्षों की अथक सेवा देने के बाद सेवानिवृत्ति प्राप्त की है।

मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बताया

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कोयला मंत्री ने कहा कि मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की ज़रूरत वाले एरिया की पहचान की गई है और कोयला कंपनियों ने चरणबद्ध उपायों की योजना बनाई है, जिन्हें आने वाले दिनों में डिस्पेंसरियों और अस्पतालों को बेहतर बनाने के लिए लागू किया जाएगा; इससे कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित होगी। मौजूदा चिकित्सा ढाँचे के अतिरिक्त, देश भर में 523 से अधिक अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, ताकि सेवारत कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके जीवनसाथियों को भी विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत, लगभग 65,000 कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की गई है, जिसमे ज़रूरतमंदों के लिए समय पर चिकित्सीय सहायता सुनिश्चित हुई है।

सीएसआर गतिविधियों की जानकारी दी

सीएसआर गतिविधियों की जानकारी देते हुए कोयला मंत्री ने कहा कि थैलेसीमिया बाल सेवा योजना के विस्तार ने 1,000 से अधिक श्बोन मैरो ट्रांसप्लांट के माध्यम से देश के बच्चों को स्वास्थ्य और खुशियां प्रदान की है। नन्हा सा दिल परियोजना ने जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए जीवनरक्षक सर्जरी संभव की है। डिजिटल विद्या ने हजारों सरकारी स्कूल छात्रों को स्मार्ट कक्षाएँ उपलब्ध कराई हैं। निर्माण योजना ने अभ्यर्थियों को सिविल सेवा परीक्षा में मार्गदर्शन दिया है, जबकि कौशल कार्यक्रमों ने हजारों युवाओं और आदिवासी महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका के अवसर प्रदान किये हैं।

बीमा कवरेज को बढ़ाया जाएगा

किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के लिए नवीनतम कॉरपोरेट सैलरी पैकेज के तहत प्रमुख राष्ट्रीय बैंकों के साथ साझेदारी कर 2 लाख से ज़्यादा नियमित कर्मचारियों को 1 करोड़ रुपए तक और 1 लाख ठेका श्रमिकों को 40 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा शून्य प्रीमियम पर प्रदान किया गया है। दी जा रही बीमा कवरेज को बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास कर रहे हैं। यह बीमा राशि, खदानों में होने वाली जानलेवा दुर्घटनाओं की स्थिति में कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा दी जाने वाली 25 लाख रुपए की अनुग्रह राशि के अतिरिक्त है।

नए लेबर कोड पर यह कहा

कोयला मंत्री ने अपने संदेष में कहा कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम संहिताएं, श्रमिकों के लिए ज़मीनी हकीकत को बदलना शुरू कर चुकी हैं; ये उन्हें मज़बूत सामाजिक सुरक्षा और अधिक ठोस संरक्षण प्रदान करती हैं। साथ ही, ये संविदा श्रमिकों के योगदान को अधिक न्यायसंगत रूप से मान्यता देती हैं और कोयला क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए अधिक स्थिरता और गरिमा सुनिश्चित करने में मदद करती हैं। यह सुधार से कहीं बढ़कर – निष्पक्षता, स्थिरता और उस गरिमा की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जिसका कोयला क्षेत्र में काम करने वाला हर श्रमिक – हमेशा से हकदार रहा है।

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