गेवरा दीपका हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन (HMS) ने एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक को पत्र सौंपकर विभिन्न समितियों के गठन और उनकी वैधानिकता को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। संगठन ने मांग की है कि 31 दिसंबर, 2025 से पूर्व विधिवत गठित एवं नामित समितियों को ही चर्चा एवं वार्ता के लिए मान्यता दी जाए।
फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रेशम लाल यादव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि कोयला मजदूर सभा के केंद्रीय महामंत्री नाथूलाल पाण्डेय के विरुद्ध आर्थिक अनियमितताओं एवं संविधान-विरोधी गतिविधियों से संबंधित शिकायतें ट्रेड यूनियन कोल फेडरेशन तथा पंजीयक, रायपुर के समक्ष लंबित हैं। ऐसे में जांच पूर्ण होने से पहले उनके द्वारा गठित समितियों की वैधता और प्रतिनिधित्व पर प्रश्नचिह्न बना हुआ है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कथित रूप से असंवैधानिक तरीके से समितियों का गठन कर प्रबंधन के समक्ष चर्चा एवं वार्ता के लिए पत्राचार किया जा रहा है। इससे औद्योगिक संबंधों तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की गई है।
फेडरेशन ने प्रबंधन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें 31 दिसंबर 2025 से पूर्व गठित समितियों को ही वार्ता हेतु आमंत्रित करना, जांच पूरी होने तक विवादित समितियों से किसी भी प्रकार की चर्चा या पत्राचार पर रोक लगाना तथा सभी परियोजना एवं इकाई कार्यालयों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करना शामिल है।
संगठन ने पत्र के माध्यम से औद्योगिक शांति, संगठनात्मक अनुशासन एवं वैधानिक प्रक्रियाओं के संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की है। इस पत्र की प्रतिलिपि एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के वरिष्ठ अधिकारियों एवं पंजीयक, व्यावसायिक संघ रायपुर को भी प्रेषित की गई है।
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