नई दिल्ली, 28 जून (IndustrialPunch Desk) : हिंद मजदूर सभा (HMS) की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 27 एवं 28 जून 2026 को राष्ट्रीय महासचिव हरभजन सिंह सिद्धू के नेतृत्व में संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न संबद्ध फेडरेशनों के अध्यक्ष, महामंत्री, पदाधिकारी एवं देशभर से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान श्रमिक हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी आंदोलनों की रणनीति तय की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए शिवकुमार यादव ने कोयला उद्योग में कार्यरत ठेका श्रमिकों की स्थिति, कोल फेडरेशन में हरभजन सिंह सिद्धू के महामंत्री बनने के बाद संगठन में आए सकारात्मक बदलाव, फेडरेशन की मजबूती तथा वेकोली (WCL) में वर्षों से HMS की मजबूत उपस्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी संगठनों से एकजुट होकर श्रमिक हितों की लड़ाई को और मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने जेबीसीसीआई- XII के गठन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वेतन समझौते में हो रही देरी से कोयला श्रमिकों में असंतोष बढ़ रहा है। साथ ही कोयला उद्योग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, हाल ही में सावनेर खान क्रमांक-1 दुर्घटना में मृतक पर्वत धुर्वे के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के प्रयासों तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा में कोयला उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कोल ब्लॉकों के निजीकरण का भी विरोध किया।
बैठक में केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों, चार लेबर कोड, जेबीसीसीआई- XII के गठन में हो रही देरी, महिला सशक्तिकरण और श्रमिक अधिकारों सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
1 जुलाई को पूरे कोल इंडिया में ‘मांग दिवस’
बैठक में निर्णय लिया गया कि जेबीसीसीआई- XII के शीघ्र गठन की मांग को लेकर 1 जुलाई, 2026 को पूरे कोल इंडिया में ‘मांग दिवस’ के रूप में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में चार प्रमुख श्रमिक संगठन संयुक्त रूप से भाग लेंगे।
29 जुलाई को दिल्ली में संयुक्त सम्मेलन
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि देश के 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा की संयुक्त बैठक 29 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगी। इस सम्मेलन में सभी संगठनों के लगभग 500- 500 पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भाग लेंगे और श्रमिक-किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी।
दो दिवसीय बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं एवं सुझावों को साझा किया। बैठक में केरल सरकार के श्रम मंत्री श्री सिपी जान विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अंत में श्रमिक एकता, संगठन की मजबूती और कोयला उद्योग के कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।
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