नई दिल्ली, 29 June : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने तीन-भाषा नीति के क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा कक्षा 10 के छात्रों पर नई तीन-भाषा नीति लागू नहीं होगी। वहीं, 2026-27 सत्र में कक्षा 9 में पढ़ रहे छात्रों को भी एक बार के लिए विशेष छूट दी गई है।
CBSE की अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम. सिंह ने बताया कि वर्तमान कक्षा 10 के विद्यार्थियों को नई तीन-भाषा नीति का पालन नहीं करना होगा। साथ ही, वर्तमान में कक्षा 7 से 9 तक पढ़ रहे छात्रों को जब वे कक्षा 10 में पहुंचेंगे, तब बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा की अनिवार्यता नहीं होगी।
हालांकि, 2026-27 सत्र की कक्षा 9 के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, लेकिन उन्हें एकमुश्त राहत देते हुए दो विदेशी (गैर-भारतीय) भाषाओं के साथ एक भारतीय भाषा को तीसरी भाषा के रूप में चुनने की अनुमति दी गई है।
यह फैसला उस समय आया है जब CBSE के पहले के आदेश के खिलाफ कई छात्रों और अभिभावकों ने अदालत का रुख किया था। बोर्ड ने इससे पहले घोषणा की थी कि 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 में तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य होगा, जिसमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होंगी।
इसके अलावा, CBSE ने अप्रैल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत कक्षा 6 से चरणबद्ध तरीके से तीन-भाषा फार्मूला लागू करने और 2026-27 सत्र से कक्षा 9 में गणित एवं विज्ञान के दो-स्तरीय (स्टैंडर्ड और एडवांस्ड) पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की थी।
नई व्यवस्था के तहत सभी विद्यार्थी 80 अंकों की समान परीक्षा देंगे, जबकि अधिक दक्षता चाहने वाले छात्र अतिरिक्त एडवांस्ड पेपर देकर उच्च स्तर की अवधारणात्मक समझ और विश्लेषण क्षमता का मूल्यांकन करा सकेंगे। इस प्रणाली के तहत पहली कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा 2028 में आयोजित की जाएगी।
इससे पहले 15 मई को CBSE ने स्पष्ट किया था कि यदि कोई छात्र विदेशी भाषा पढ़ना चाहता है तो वह उसे केवल तीसरी भाषा (दो भारतीय भाषाओं के बाद) या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही चुन सकेगा। अब जारी नए दिशानिर्देशों में वर्तमान कक्षा 9 के छात्रों को इस नियम से एकमुश्त राहत प्रदान की गई है।
industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join
IndustrialPunch | The Voice of Industry & Workforce









