नई दिल्ली, 13 July (IndustrialPunch Desk) : कोयला मंत्रालय ने कोल माइंस प्रोविडेंट फंड एंड मिसलेनियस प्रोविजंस (एडजुडिकेशन ऑफ पेनाल्टीज एंड अपील) रूल्स, 2026 का मसौदा (Draft Rules) जारी कर दिया है। इन प्रस्तावित नियमों पर सभी हितधारकों से 26 जुलाई 2026 शाम 6 बजे तक सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
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कोयला मंत्रालय के CMPF अनुभाग द्वारा 13 जुलाई 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) के अनुसार, यह मसौदा जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत Coal Mines Provident Fund and Miscellaneous Provisions Act, 1948 में किए गए प्रावधानों को लागू करने के लिए तैयार किया गया है। दस्तावेज़ की प्रति Coal Mines Provident Fund Organisation (CMPFO) द्वारा मंत्रालय को भेजी गई है।
ई-मेल के माध्यम से भेजे जा सकेंगे सुझाव
मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, CMPFO, Coal India Limited एवं उसकी सभी सहायक कंपनियों तथा SCCL सहित अन्य संबंधित हितधारकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर सुझाव भेजने का आग्रह किया है। सुझाव so-cmpf@gov.in ई-मेल पर भेजे जा सकते हैं। 26 जुलाई के बाद प्राप्त सुझावों को पूर्व-विधायी (Pre-Legislative) प्रक्रिया का हिस्सा नहीं माना जाएगा।
क्या हैं प्रस्तावित नियमों की प्रमुख बातें?
मसौदा नियमों में पहली बार CMPF अधिनियम के तहत पेनाल्टी निर्धारण (Adjudication of Penalties) और अपील (Appeal) की विस्तृत प्रक्रिया निर्धारित की गई है। प्रमुख प्रावधानों में शामिल हैं :
- पेनाल्टी मामलों की सुनवाई के लिए Adjudicating Officer की नियुक्ति।
- जांच में सहायता के लिए Inquiry Officer नामित करने का प्रावधान।
- नोटिस जारी करने, जवाब दाखिल करने और व्यक्तिगत सुनवाई की स्पष्ट प्रक्रिया।
- सुनवाई भौतिक (Physical) या ऑनलाइन माध्यम से भी की जा सकेगी।
- दस्तावेज़, रिकॉर्ड और गवाहों को तलब करने की शक्तियां।
उल्लंघन की गंभीरता, अवधि, प्रभावित कर्मचारियों की संख्या और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखकर पेनाल्टी तय की जाएगी। Adjudicating Officer के आदेश के विरुद्ध 30 दिनों के भीतर Appellate Authority के समक्ष अपील की जा सकेगी।
ऑनलाइन प्रक्रिया को भी बढ़ावा
मसौदा नियमों में नोटिस, आदेश और अन्य संचार ई-मेल, डिजिटल पोर्टल तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भेजने का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, अपील भी भौतिक अथवा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दायर की जा सकेगी।
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सभी हितधारकों से मांगी गई राय
कोयला मंत्रालय ने कहा है कि मसौदा नियमों को सार्वजनिक कर व्यापक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं ताकि अंतिम नियम सभी संबंधित पक्षों की राय को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जा सकें। निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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