रांची/सिंगरौली। देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। CMPDI ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) की अमेलिया कोयला खदान (Amelia Coal Mine) के लिए संशोधित माइनिंग प्लान एवं माइन क्लोजर प्लान तैयार कर उसे विशेषज्ञ समीक्षा के बाद कोयला मंत्रालय के सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम (SWCS) पोर्टल पर सफलतापूर्वक प्रस्तुत कर दिया है।
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यह संशोधित योजना 5.60 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTPA) क्षमता वाली अमेलिया कोयला खदान के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।
ओपनकास्ट और अंडरग्राउंड दोनों पद्धतियों से होगा खनन
संशोधित माइनिंग प्लान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें ओपनकास्ट (Open Cast) और अंडरग्राउंड (Underground) दोनों खनन तकनीकों को शामिल किया गया है। इससे कोयला भंडार का अधिकतम और वैज्ञानिक दोहन संभव होगा तथा परियोजना की दीर्घकालिक उत्पादकता बढ़ेगी।
खुरजा STPP को मिलेगा कोयला
अमेलिया कोयला खदान से उत्पादित कोयले की आपूर्ति उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर स्थित खुरजा सुपर थर्मल पावर परियोजना (Khurja STPP) को की जाएगी। इससे बिजली उत्पादन के लिए कोयले की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित होगी और राज्य की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
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तकनीकी दक्षता का उदाहरण
CMPDI ने बताया कि संशोधित माइनिंग प्लान को Peer Mining Plan Preparing Agency (MPPA) की विशेषज्ञ समीक्षा के बाद अंतिम रूप दिया गया। इसके बाद इसे कोयला मंत्रालय के Single Window Clearance System (SWCS) पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
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