कोलकाता, 16 July (IndustrialPunch Desk) : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने JBCCI-XI (Joint Bipartite Committee for the Coal Industry) की स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी की 7वीं बैठक के मिनट्स जारी कर दिए हैं। 17 अप्रैल, 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित इस बैठक में प्रबंधन और मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की कार्यवाही 14 जुलाई 2026 को सभी संबंधित अधिकारियों और सदस्य कंपनियों को भेजी गई।
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बैठक में इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा
1. अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Employment) SOP में संशोधन
समिति ने अनुकंपा नियुक्ति के SOP में कई बदलावों को मंजूरी दी। आवेदन की समय-सीमा, दस्तावेजों की प्रक्रिया और मुख्यालय स्तर पर लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे को लेकर संशोधन स्वीकार किए गए।
2. मेडिकल नियमों में संशोधन
गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए मेडिकल अटेंडेंस रूल्स (MAR) में संशोधन पर चर्चा हुई। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, रेफरल मामलों और मेडिकल आश्रितों से जुड़े प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार किया गया।
3. सेटलिंग-इन-अलाउंस बढ़ाने पर सहमति
गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए Settling-in-Allowance को ₹12,000 से बढ़ाकर ₹20,000 करने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। अंतिम स्वीकृति बोर्ड स्तर पर होगी।
4. महिला कर्मचारियों के लिए सुविधाओं पर जोर
सभी सहायक कंपनियों में महिला कर्मचारियों के लिए अलग शौचालय, महिला कल्याण समितियों के गठन तथा कार्यस्थलों पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की समीक्षा की गई।
5. RO प्लांट और कार्यस्थल सुविधाएं
बैठक में बताया गया कि कोल इंडिया की विभिन्न इकाइयों में 501 RO प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। यूनियनों ने इनके नियमित रखरखाव और कार्यशील स्थिति की निगरानी की मांग की।
6. सुरक्षा कर्मियों की भर्ती के नए मानक
WCL के प्रस्ताव पर सुरक्षा कर्मियों की भर्ती के लिए पुरुष और महिला उम्मीदवारों के शारीरिक मानकों में संशोधन पर चर्चा हुई। महिला सुरक्षा कर्मियों के लिए पहली बार अलग ऊंचाई के मानदंड प्रस्तावित किए गए।
7. SECL का SLP/SLP विसंगति मामला
SECL द्वारा उठाए गए NCWA-VIII के SLP/SLP विसंगति संबंधी विषय पर भी विचार किया गया। समिति ने मामले को संबंधित स्तर पर नियमों के अनुरूप निपटाने का निर्णय लिया।
8. इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजरों की कमी दूर करने के उपाय
इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजरों की कमी को देखते हुए आवश्यक प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि देने और प्रशिक्षण की व्यवस्था पर सहमति बनी।
9. लेबर कोड लागू करने की तैयारी
प्रबंधन ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) के लागू होने की तैयारी की जा रही है। हालांकि ट्रेड यूनियनों ने नियम पूरी तरह अधिसूचित होने तक किसी भी जल्दबाजी पर आपत्ति दर्ज कराई।
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कई मांगें अभी भी लंबित
बैठक के दौरान ट्रेड यूनियनों ने SLP, प्रमोशन, वेतन लाभ, नियमित शिक्षा की अनुमति, आश्रितों के लिए चिकित्सा सुविधा, CMPF, सर्वेयर कैडर, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स और अन्य कई मुद्दे भी उठाए। इन विषयों पर आगे विचार के लिए संबंधित उप-समितियों या प्रबंधन स्तर पर परीक्षण का निर्णय लिया गया।
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