Saturday, August 1, 2026
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47 हजार पेंशन बंद, 21 हजार को ₹1,000 से कम पेंशन… कोल एम्प्लॉइज फोरम ने उठाए गंभीर मुद्दे

कोल एम्प्लॉइज फोरम ने केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से की व्यापक पेंशन सुधारों की अपील, हजारों पेंशनरों की बदहाल स्थिति उठाई।

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नई दिल्ली | IndustrialPunch : कोयला क्षेत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनरों के हितों के लिए कार्यरत कोल एम्प्लॉइज फोरम (Coal Employees’ Forum) ने केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से न्यूनतम मासिक पेंशन ₹10,000, पेंशन पर इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) लागू करने तथा बेहतर स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

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नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेसवार्ता में फोरम के अध्यक्ष बिमान मित्रा, संयुक्त महासचिव मौ मुखर्जी, महासचिव चंचल बनर्जी तथा कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मण कलवाला ने कहा कि फोरम एक गैर-राजनीतिक संगठन है, जो कोल इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मचारियों, सीएमपीएफओ (CMPFO) पेंशनरों और कोयला श्रमिकों की विधवाओं के हितों के लिए कार्य कर रहा है।

21 हजार पेंशनरों को ₹1,000 से भी कम पेंशन

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फोरम ने बताया कि वर्तमान में करीब 21,000 पेंशनरों को ₹1,000 प्रतिमाह से भी कम पेंशन मिल रही है। वहीं, कोल माइंस फैमिली पेंशन स्कीम-1971 के अंतर्गत कई विधवा पेंशनरों को आज भी मात्र ₹320 प्रतिमाह पारिवारिक पेंशन मिल रही है। फोरम का कहना है कि दशकों से इन पेंशन राशियों में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ है और इन्हें इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) से भी नहीं जोड़ा गया है, जिससे बढ़ती महंगाई के बीच पेंशनरों का जीवन कठिन होता जा रहा है।

47 हजार पेंशनरों की पेंशन बंद

फोरम के अनुसार, कोल इंडिया से जुड़े लगभग 6 लाख पेंशनर और पारिवारिक पेंशनर हैं, जिनमें से लगभग 4.76 लाख वर्तमान में पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। संगठन का दावा है कि करीब 47,000 पेंशनरों की पेंशन जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा न करने, जागरूकता की कमी और अन्य प्रक्रियागत कारणों से बंद हो गई है। फोरम ने सीएमपीएफओ (CMPFO) से जागरूकता अभियान चलाने और पेंशन बहाली की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की।

चार लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारी मेडिकल सुविधा से वंचित

फोरम ने यह भी दावा किया कि चार लाख से अधिक सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों के पास कोल इंडिया मेडिकल कार्ड नहीं है, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। संगठन ने सरकार से मांग की कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों, विशेषकर 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को आयुष्मान भारत या इसी तरह की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ दिया जाए।

कोल एम्प्लॉइज फोरम की प्रमुख मांगें

  • CMPFS-1971 और CMPS-1998 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन ₹10,000 की जाए।
  • पेंशन में इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) जोड़ा जाए तथा महंगाई के अनुसार नियमित संशोधन हो।
  • पेंशन फंड का समय-समय पर एक्चुरियल मूल्यांकन और पारदर्शी ऑडिट कराया जाए।
  • जीवन प्रमाण पत्र सहित प्रक्रियागत कारणों से बंद हुई पेंशन तत्काल बहाल की जाए।
  • सेवानिवृत्त कर्मचारियों और विधवा पेंशनरों को बेहतर चिकित्सा सुविधा तथा आयुष्मान भारत का लाभ दिया जाए।
  • कोयला पेंशनरों को अन्य केंद्रीय सरकार और सार्वजनिक उपक्रम (PSU) के पेंशनरों के समान सुविधाएं दी जाएं।

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फोरम ने कहा कि कोयला उद्योग देश के सबसे जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में से एक है और इस उद्योग में दशकों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त पेंशन और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। संगठन ने केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर व्यापक पेंशन सुधार लागू करने की अपील की।

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