नागपुर | IndustrialPunch : महाराष्ट्र के वणी क्षेत्र में उकनी कोयला खदान से प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर जारी विरोध के बीच वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक डॉ. हेमंत शरद पांडे ने 12 अगस्त 2026 को उकनी प्रभावित गांव का दौरा कर किसानों से सीधे संवाद किया। इस दौरान हिंद मजदूर सभा (HMS) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवकुमार यादव भी मौजूद रहे।
किसानों के अनुसार, खदान के आसपास बड़े पैमाने पर डंपिंग और नदी के कारण खेती योग्य जमीन लगातार प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि गांव के चारों ओर खदान की डंपिंग और नदी के चलते खेती के लिए पर्याप्त कृषि भूमि नहीं बची है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
अनशन के बाद किसानों से सीधे संवाद
उकनी खदान प्रभावित किसानों ने अपनी मांगों को लेकर 29 जून 2026 से WCL मुख्यालय के गेट पर क्रमिक अनशन शुरू किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई को डॉ. हेमंत पांडे द्वारा दिए गए आश्वासन तथा शिवकुमार यादव के सहयोग के बाद किसानों ने अनशन समाप्त किया था।
इसके बाद किसानों से किए गए संवाद के क्रम में 12 अगस्त को डॉ. हेमंत शरद पांडे और शिवकुमार यादव उकनी प्रभावित गांव पहुंचे। उन्होंने गांव और प्रभावित जमीन का निरीक्षण किया तथा किसानों की समस्याएं सुनीं।
पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार प्रमुख मुद्दे
किसानों ने खदान से उत्पन्न समस्याओं के साथ पुनर्वास, उचित मुआवजा और भूमि अधिग्रहण के बदले आश्रितों को कंपनी के नियमानुसार रोजगार की मांग प्रमुखता से रखी।
डॉ. हेमंत पांडे ने संबंधित अधिकारियों को कंपनी के नियमों के अनुसार शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। किसानों को बताया गया कि खदान प्रभावित गांवों के पुनर्वास, उचित मुआवजा तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़े पात्र आश्रितों को कंपनी के नियमों के अनुसार रोजगार दिलाने जैसे विषयों का समाधान कंपनी की प्राथमिकताओं में शामिल है।
किसानों ने जताया आभार
किसानों की ओर से डॉ. हेमंत शरद पांडे और शिवकुमार यादव के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। किसानों ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से सुनना महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर महामंत्री श्री शरद धांडे, गांव के सरपंच, किसानों का प्रतिनिधिमंडल, वणी क्षेत्र के अधिकारी, समाजसेवी तथा सेफ्टी बोर्ड सदस्य संजय खाडे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
अब कार्रवाई पर रहेगी नजर
उकनी खदान प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कंपनी स्तर पर दिए गए निर्देशों के बाद पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार से जुड़े मामलों में कितनी तेजी से कार्रवाई होती है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे की प्रक्रिया पर प्रभावित परिवारों और श्रमिक संगठनों की नजर रहेगी।
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