सिंगरौली। IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में वैधानिक दक्षता प्रमाण-पत्र धारक कर्मचारियों को दी जाने वाली ₹1,00,000 की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि को लेकर विवाद सामने आया है। कोल इंडिया आईटीआई एम्प्लाइज एसोसिएशन (CIITIEA) ने कोल इंडिया के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर 14 सितंबर 2026 के कार्यालय ज्ञापन में आवश्यक संशोधन की मांग की है।
एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा है कि 14 सितंबर के कार्यालय ज्ञापन के तहत SAIL तथा उसकी अनुषंगी कंपनियों के वर्तमान कर्मचारियों को वैधानिक दक्षता प्रमाण-पत्र प्राप्त करने पर ₹1 लाख की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। संगठन ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि पहले से वैधानिक दक्षता प्रमाण-पत्र प्राप्त कर चुके कर्मचारियों के साथ भी समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
CIITIEA का कहना है कि केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की तारीख को आधार बनाकर पहले से प्रमाण-पत्र हासिल कर चुके कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि से वंचित करने से कर्मचारियों के बीच असमानता की स्थिति पैदा होगी। पत्र में यह भी कहा गया है कि आदेश के पैरा-2 में पहले से प्रमाण-पत्र धारित कुछ कर्मचारियों के लिए आदेश जारी होने की तारीख से दो माह के भीतर प्रमाण-पत्र जमा करने पर योजना का लाभ देने का प्रावधान है। संगठन ने मांग की है कि पहले से प्रमाण-पत्र जमा कर चुके कर्मचारियों के लिए भी लाभ स्पष्ट किया जाए।
CIITIEA ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
एसोसिएशन ने मांग की है कि आदेश जारी होने से पहले वैधानिक दक्षता प्रमाण-पत्र प्राप्त कर चुके सभी पात्र कर्मचारियों को भी ₹1 लाख की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जाए।
संगठन ने यह भी कहा है कि जिन कर्मचारियों ने आदेश की तारीख से पहले प्रमाण-पत्र प्राप्त किया है, उन्हें केवल प्रमाण-पत्र की तारीख के आधार पर लाभ से वंचित नहीं किया जाए। जिन कर्मचारियों के प्रमाण-पत्र पहले से कंपनी के रिकॉर्ड में उपलब्ध हैं, उनसे दोबारा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की औपचारिकता समाप्त कर उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर प्रोत्साहन राशि देने की मांग की गई है।
इसके अलावा, आदेश में आवश्यक संशोधन अथवा स्पष्टीकरण जारी कर सभी पात्र कर्मचारियों को समान लाभ सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
CIITIEA ने यह भी सवाल उठाया कि कंपनी में एक दशक से अधिक समय से पात्र कर्मचारियों के पास वैधानिक दक्षता प्रमाण-पत्र होने के बावजूद उन्हें इस मद में प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई। संगठन ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को अब इस लाभ से वंचित करना उचित नहीं होगा।
पत्र के अंत में एसोसिएशन ने कोल इंडिया प्रबंधन से विसंगति दूर करते हुए पहले से वैधानिक दक्षता प्रमाण-पत्र प्राप्त कर चुके पात्र कर्मचारियों को भी ₹1 लाख की प्रोत्साहन राशि का लाभ देने के लिए तत्काल संशोधित आदेश जारी करने की मांग की है।
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