Friday, May 1, 2026
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कोरबा : राजस्व मंत्री जयसिंह के प्रयास से पश्चिम क्षेत्र में हुए विकास कार्यों से बदल गई तस्वीर

पूरे प्रदेश को ऊर्जाधानी से ही बिजली मिलती है और बीजली का एक सबसे बड़ा प्रोजेक्ट यदि कहीं लग रहा है। तो वह कोरबा जिला ही है।

Jaisingh Agarwal
Jaisingh Agarwal
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कोरबा (छत्तीसगढ़)। शहर का पश्चिम क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षित रहा है, लेकिन जब से नगर पालिक निगम, कोरबा में कांग्रेस की शहर सरकार बनी और जब कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल (Jaisingh Agrawal) राजस्व मंत्री बने, तब से इस क्षेत्र के विकास को पंख लगे। कई ऐसे विकास कार्य करवाए गए हैं। जिनकी क्षेत्रवासियों को लंबे समय से जरूरत थी।

कोरबा विधायक जयसिंह को जब अधिक अधिकार मिले तब उनका खास फोकस पश्चिम क्षेत्र के विकास पर रहा। इन्हीं विकास कार्यों के लिए पश्चिम क्षेत्र के निवासी रविवार को मंत्री जयसिंह अग्रवाल का सम्मान करेंगे। सीएसईबी, एचटीटीपी के जूनियर क्लब में रविवार को सुबह 11ः00 बजे एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जहां जयसिंह अग्रवाल मौजूद रहेंगे। जूनियर क्लब में इस दौरान दर्री, जमनीपाली, अयोध्यापुरी, गोपालपुर और स्याहीमुड़ी के साथ ही नगर पालिक निगम के पश्चिम क्षेत्र के लोग बड़ी तादात में उपस्थित रहेंगे। दर्री बाजार के पास नवीन तहसील का निर्माण व संचालन और रूमगड़ा से गोपालपुर तक फोर लेन सड़क निर्माण किया गया है। पश्चिम क्षेत्र के लोगों को अब हर घर बिजली, नल कनेक्शन, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, स्ट्रीट लाइट, आंगनबाड़ी, मोबाइल मेडिकल यूनिट की सुविधा मिल रही है जिससे उनके रोजमर्रा की समस्याओं का काफी हद तक समाधान हुआ है।

1320 मेगावाट का लगेगा प्लांट जिसकी लागत 13000 करोड़ 

पूरे प्रदेश को ऊर्जाधानी से ही बिजली मिलती है और बीजली का एक सबसे बड़ा प्रोजेक्ट यदि कहीं लग रहा है। तो वह कोरबा जिला ही है। पूरे प्रदेश के साथ ही कोरबावासियों को अबाध बिजली आपूर्ति होती रहे। इसके लिए एचटीटीपी दर्री में 1320 मेगावाट का नया पावर प्लांट राज्य सरकार द्वारा बनाया जा रहा है। जिसकी लागत 13000 करोड रुपए है। यह सब राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के कार्यकाल में ही संभव हुआ है। वह काफी समय से प्लांट के विस्तार की मांग कर रहे थे। राज्य सरकार के ऊर्जा विभाग ने भी इसकी जरूरत को महसूस किया और अब इस पावर प्लांट की स्थापना की दिशा में काफी सारे काम हो चुके हैं। जल्द ही इस क्षेत्र में एक बड़ा पावर प्लांट लगेगा। जो कि राज्य की ऊर्जा जरूरत को पूरा करने में एक मील का पत्थर साबित होगा। क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार के भी नए अवसर पैदा होंगे।

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360 परिवारों को एनटीपीसी की जमीन पर मिला स्थाई पट्टा 

लेबर कालोनी दर्री के 360 परिवार ऐसे हैं। जोकि लंबे समय से एनटीपीसी के जमीन पर काबिज थे। इन सभी को जयसिंह अग्रवाल के प्रयासों से स्थाई पट्टा उपलब्ध कराया गया है। इन्हें एनटीपीसी से घर निर्माण के लिए ईंट व आर्थिक सहयोग भी दिलाई गई है। इन सभी के स्थाई आवास की व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में सामुदायिक भवन, मंच, सड़क, आंगनबाड़ी व सरकारी राशन दुकान की स्थापना भी हो चुकी है। जो प्रगति नगर के निवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है।

गोपालपुर में नवीन केंद्रीय विद्यालय की मिली सुविधा 

एनटीपीसी परिसर के भीतर केंद्रीय विद्यालय बीसीपीपी क्रमांक 4 वर्षों से संचालित था। जो बालको प्रबंधन द्वारा स्थापित किया गया था। लेकिन बालको ने इसे बंद करने का निर्णय लिया। प्रत्येक वर्ष एक-एक कक्षाएं बंद की जा रही थी। जिससे इस क्षेत्र के निवासियों को केंद्रीय विद्यालय स्तर की शिक्षा से महरूम होना पड़ रहा था। इस दिशा में जयसिंह अग्रवाल ने प्रयास तेज किये और गोपालपुर में एक सर्वसुविधा युक्त केंद्रीय विद्यालय बनवाया। वर्तमान में गोपालपुर में केंद्रीय विद्यालय का एक भव्य भवन मौजूद है। जहां केंद्रीय विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ हो चुका है। पश्चिम क्षेत्र के निवासियों के लिए यह एक बड़ी सौगात है। यही नहीं दर्री वासियों की मांग पर दर्री में एक हाई स्कूल की स्थापना की गई है। गोपालपुर, अयोध्यापुरी और एनटीपीसी स्कूल का संचालक स्वामी आत्मानंद स्कूल के तौर पर किया जा रहा है।

सड़क, नाले और हमर क्लीनिक की मिली सौगात 

पश्चिम क्षेत्र के ऐसे कई मोहल्ले हैं। जहां ढेर सारे विकास कार्य करवाए गए हैं। भवानी मंदिर के पास सामुदायिक भवन, गोपालपुर के आईबीपी से लेकर चोरभट्ठी तक सड़क का निर्माण। सुमेधा, गोपालपुर, अयोध्यापुरी स्कूलों का उन्नयन। पत्रकारों के लिए प्रेस क्लब कार्यालय के साथ ही अनेक ऐसे विकास कार्य हैं। जिनकी लिस्ट बेहद लंबी है। पश्चिम क्षेत्र के प्रत्येक मोहल्ले को सड़क से जोड़ा गया है। हमर क्लीनिक की स्थापना कर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है। वर्षों से जो कार्य अधूरे थे। उन सबको पूर्ण किया गया है।

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