Friday, August 28, 2026
Home Industrial (हिंदी) कोल कोल इंडिया के 50 वर्ष : कोयला मंत्री रेड्डी ने कंपनी की...

कोल इंडिया के 50 वर्ष : कोयला मंत्री रेड्डी ने कंपनी की क्षमता को लेकर कही बड़ी बात

सीआईएल के कर्मचारियों की संख्या राष्ट्रीयकरण के प्रारंभिक वर्षों के 6.75 लाख कर्मचारियों से लगभग एक तिहाई घटकर 2.25 लाख रह गई है

Advertisement

नई दिल्ली, 02 नवम्बर। भारत की कोयला आवश्यकता को पूरा करने और ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली सरकारी स्वामित्व वाली कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) के 1 नवंबर, 2024 को स्थापना के 50 वर्ष हो गये। सीआईएल की 1 नवंबर, 1975 को स्थापना की गई थी। यह एक राष्ट्रीयकृत कोकिंग कोयला (1971) और गैर-कोकिंग खदानों (1973) वाली शीर्षस्थ कंपनी है।

इसे भी पढ़ें : कोल इंडिया स्थापना दिवस : अफसरों को गिफ्ट में मोबाइल, कामगारों को ठेंगा, विरोध शुरू

सीआईएल का अपने स्थापना वर्ष 1975- 76 में उत्पादन 89 मिलियन टन (MT) था। कोयला मंत्रालय (Ministry of Coal) के अधीन इस दिग्गज महारत्न कोयला कंपनी का वित्त वर्ष 2024 में उत्पादन 773.6 एमटी था। इस प्रकार इसके उत्पादन में 8.7 गुना वृद्धि हुई है। कंपनी अपनी पूरी आपूर्ति के 80% कोयला की आपूर्ति कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी दरों पर करती है। इस प्रकार कंपनी नागरिकों को उचित मूल्य पर बिजली प्राप्त करने में अपना योगदान देती है।

यद्यपि सीआईएल के कर्मचारियों की संख्या राष्ट्रीयकरण के प्रारंभिक वर्षों के 6.75 लाख कर्मचारियों से लगभग एक तिहाई घटकर 2.25 लाख रह गई है फिर भी इसके उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है।

Advertisement

इसे भी पढ़ें : SECL : मेगा प्रोजेक्ट कुसमुंडा उत्पादन में लड़खड़ा रहा, 7 माह बाद भी नेगेटिव ग्रोथ

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने कोल इंडिया को बधाई देते हुए कहा, “कोल इंडिया अपनी अनेक उपलब्धियों के साथ अपने स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश कर रही है। मैं कंपनी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। भारत में कोयले का उत्पादन अभी अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंचा है। महंगे आयात से बचने के लिए स्वदेशी उत्पादन बहुत जरूरी है। कोल इंडिया को लोगों के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी, कल्याण और सुरक्षा को समान महत्व देते हुए भविष्य में उत्पादन को उच्च स्तर तक बढ़ाना होगा।“

सीआईएल के लिए यह लगभग पांच दशक की यात्रा बहुत ही उपलब्धियों भरी रही है। कंपनी ने कई बदलावों और चुनौतियों, परीक्षणों और समस्याओं का सामना किया लेकिन वह सब करने में सफल रही जिसकी उससे अपेक्षा की गई थी। एक विशुद्ध कोयला उत्पादक कंपनी से, कोल इंडिया अब राष्ट्रीय हित में सौर ऊर्जा, खदान बिजलीघरों, कोयला गैसीकरण और महत्वपूर्ण खनिजों के उत्खन्न में विविधता ला रही है।

इसे भी पढ़ें : अक्टूबर में कोयला उत्पादन 84.45 मिलियन टन तक पहुंचा

सीआईएल वर्ष 2007 से औपचारिक रूप से अपने स्थापना दिवस समारोह को एक आंतरिक कार्यक्रम के रूप में मना रही है। इन कार्यक्रमों में पूर्व अध्यक्ष या उद्योग विशेषज्ञ द्वारा जे.बी. कुमारमंगलम स्मृति व्याख्यान और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार प्रदान करना शामिल है। इस वर्ष भी कंपनी 3 नवंबर को कोलकाता में यह समारोह मनाएगी। इस समारोह में कोयला मंत्री मुख्य अतिथि और कोयला सचिव अतिथि होंगे।

Advertisement
कोल इंडिया की 10 मेगा माइंस ने Q1 में बनाया रिकॉर्ड, SECL, NCL और MCL की खदानों का दबदबा भारत के सर्वाधिक कोयला भंडार वाले सात राज्यों के बारे में जानें: वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान कोल इंडिया ने डिस्पैच का टारगेट भी किया कम, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया लक्ष्य कोल इंडिया ने घटाया लक्ष्य, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया टारगेट