Saturday, July 18, 2026
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मुंगेली के कुसुम संयंत्र में हादसा : चार मजदूर अभी भी दबे हुए हैं, प्रबंधन के चार लोगों पर एफआईआर

गुरुवार की दोपहर 12 बजे करीब साइलो टैंक गिर गया था। इसमें 5- 6 मजदूर दब गए थे। गंभीर रूप से घायल एक मजदूर की अस्पताल में मौत हो गई।

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बिलासपुर, 10 जनवरी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में कुसुम स्मेल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (Kusum Smelting Plant) के स्टील संयंत्र में साइलो के गिरने से दबे मजदूरों को अभी तक नहीं निकाला जा सका है। एक मजदूर मनोज कुमार धृतलहरे की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई थी। घटना के मामले में पुलिस ने संयंत्र के चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

गुरुवार की दोपहर 12 बजे करीब साइलो टैंक गिर गया था। इसमें 5- 6 मजदूर दब गए थे। गंभीर रूप से घायल एक मजदूर की अस्पताल में मौत हो गई। बताया गया है 4 लोग सुपरवाइजर जयंत साहू, फीटर अवधेश, कर्मचारी अखिलेश एवं प्रकाश यादव साइलो में दबे हुए हैं। हादसे वाली जगह से 30 घंटे बाद भी मलबा नहीं हटाया जा सका है। एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू में जुटी है। साइलो का वजन करीब 80 टन है। साइलो में 40 टन से ज्यादा राख भी भरी है। ऐसे में इसका वजन 120 टन से भी ज्यादा हो गया है। वजन ज्यादा होने के कारण ही कई क्रेन भी इसे उठाने में सफल नहीं हो पा रही है। क्रेन का केबल दो बार टूट चुका है। गैस कटर की मदद से टैंक को काट कर वजन कम किया जा रहा है।

लापरवाही आई सामने

बताया गया है कि 20 दिन पहले ही साइलो को इंस्टॉल किया गया था। बिना ट्रायल इसमें राख डंप की जा रही थी। ओवरलोड के कारण साइलो का स्ट्रक्चर हिलने लगा था। इसे गुरुवार दोपहर क्रेन से ठीक किया जा रहा था तभी हादसा हो गया।

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परिजनों का हंगामा

2 कर्मचारियों को किसी तरह गंभीर हालत में बिलासपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसमें एक की मौत होने के बाद उसके परिजन ने भी हंगामा किया। जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन ने शव लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद कंपनी की ओर से 1 लाख की तत्काल मदद दी गई, जिसके बाद शव ले जाया गया।

बिना साइलो, प्लांट में प्रोडक्शन किया शुरू

ये भी पता चला है कि, नियमों को दरकिनार कर प्लांट में काम शुरू किया गया। शुरुआत में यहां बिना साइलो के ही उत्पादन शुरू कर दिया था। इसकी वजह से आसपास प्रदूषण फैलने पर लोगों ने विरोध भी जताया था। लेकिन, प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया था।

कमजोर स्ट्रक्चर पर प्रबंधन ने नहीं दिया ध्यान

प्लांट के कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि, साइलो लगाते समय उसके कमजोर स्ट्रक्चर पर प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। जिस कारण जब साइलो का काम चालू हुआ, तब उसके आसपास की जमीन हिलने लगी थी। इसके चलते मजदूर साइलो टैंक के आसपास काम करने से घबराते थे, लेकिन प्रबंधन के दबाव में काम करने के लिए मजबूर थे।

4 डायरेक्टर, 350 से अधिक कर्मचारी करते है काम

कुसुम स्मेल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत 11 अगस्त, 2020 को हुई थी। इसके डायरेक्टर संदीप अग्रवाल, आदित्य अग्रवाल, विशाल अग्रवाल और यश पोद्दार हैं। इस प्लांट में 350 से अधिक मजदूर काम करते हैं। इसमें करीब 350 मजदूर अलग-अलग शिफ्ट में काम करते है। यहां आयरन से कच्चा लोहा बनाने काम होता है।

source : bhaskar

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