Wednesday, April 22, 2026
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DHFL- CMPFO मामला, रॉबर्ट वाड्रा पर आरोप : इंटक नेता जमा ने BMS के रेड्डी से माफी मांगने कहा, नहीं तो …

इंटक (INTUC) से सम्बद्ध राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी एसक्यू जमा ने बीएमएस (BMS) के कोल प्रभारी के. लक्ष्मा रेड्डी पर पलटवार किया है।

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नागपुर, 18 फरवरी। इंटक (INTUC) से सम्बद्ध राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी एसक्यू जमा ने बीएमएस (BMS) के कोल प्रभारी के. लक्ष्मा रेड्डी पर पलटवार किया है। इंटक नेता ने रेड्डी को पत्र लिखकर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर झूठे आरोप लगाने को लेकर माफी मांगने कहा है।

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एसक्यू जमा ने पत्र में लिखा है कि, आरएसएस मुख्यालय, नागपुर में अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (ABKMS) के 19वें त्रैवार्षिक सम्मेलन के दौरान आपने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद श्री रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी की मौजूदगी में निराधार और झूठे आरोप लगाए हैं और कोयला मजदूरों के पीएफ के डीएचएफएल (DHFL) बॉन्ड में 722 करोड़ रुपये के निवेश की सीबीआई जांच की मांग की है।

भारत के कोयला उद्योग में 5 दशकों से अधिक समय से वरिष्ठ ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता के रूप में, मैं (एसक्यू जमा) श्री रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ आपके झूठे और मनगढ़ंत कथित आरोपों की निंदा करता हूं और सार्वजनिक रूप से माफी की मांग करता हूं।

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इंटक नेता ने पत्र में आगे लिखा है कि डीएचएफएल के ऋणपत्रों में मोचन के संबंध में घटनाक्रम की शुरुआत 2015 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2014 में सत्ता में आने के बाद हुई। यह दोषपूर्ण निवेश यूपीए शासन के दौरान नहीं किया गया था, यदि डीएचएफएल और कांग्रेस नेता के बीच कोई संबंध है तो आपकी सरकार पिछले 10 वर्षों में क्या कर रही है? चूंकि आपने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी की मौजूदगी में आरोप लगाए हैं, यदि आप रीढ़विहीन नहीं हैं तो कुछ दिनों के भीतर सीबीआई जांच का गठन करवाएं और सार्वजनिक जांच को आमंत्रित करें, जिसमें कोयला श्रमिक और आईएनटीयूसी सहित परिचालन करने वाली यूनियनें आपको और आपकी सरकार को बेनकाब करेंगी।

संभवतः बीएमएस का राष्ट्रीय नेतृत्व और एबीकेएमएस में आपके सहयोगी कोयला प्रभारी के रूप में आपकी नियुक्ति के बाद से कोयला मामलों को संभालने में आपकी अक्षमता के कारण आपसे असहमत होंगे। एबीकेएमएस में आपके कई साथियों ने 1972-73 में भारत की संपूर्ण कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण करने के लिए महान नेता प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सराहना की है, जिससे कर्मचारियों/परिवारों के वेतन, सामाजिक सुरक्षा, सुरक्षा और कल्याण के मामले में क्रांतिकारी बदलाव आया है।

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यह रिकॉर्ड में है कि जब भी कोयला उद्योग में इंटक सहित अन्य 4 सक्रिय यूनियनें संयुक्त आंदोलन शुरू करने के लिए आपसे संपर्क करती हैं, तो आप पीठ दिखा देते हैं। या तो आरोप वापस लें और माफ़ी मांगें, नहीं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।

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