Friday, July 10, 2026
Home Industrial (हिंदी) एम्प्लोयी एवं यूनियन JBCCI- XII पर आर- पार की तैयारी! ABKMS-BMS ने कोल इंडिया प्रबंधन...

JBCCI- XII पर आर- पार की तैयारी! ABKMS-BMS ने कोल इंडिया प्रबंधन को चेताया, अगस्त में देशव्यापी मजदूर सम्मेलन का ऐलान

बैठक में ABKMS-BMS ने आरोप लगाया कि Coal India प्रबंधन चारों लेबर कोड लागू करने की प्रक्रिया में अनावश्यक जल्दबाजी कर रहा है

बैठक में उपस्थित BMS- ABKMS के पदाधिकारी
Advertisement

बिलासपुर, 7 July (IndustrialPunch Desk) : अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (ABKMS-BMS) ने JBCCI- XII के शीघ्र गठन और मजदूरों के लंबित मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करने का संकेत दिया है। इसी क्रम में 7 जुलाई, 2026 को SECL मुख्यालय, बिलासपुर में संघ के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कोयला उद्योग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसे भी पढ़ें: SECL भर्ती 2026 : 1,055 पदों की CBT परीक्षा की प्रोविजनल Answer Key जारी

बैठक में 25 जून से 30 जून, 2026 तक Coal India Limited (CIL) और Singareni Collieries Company Limited (SCCL) के विभिन्न क्षेत्रों में चलाए गए छह दिवसीय मजदूर जनजागरण अभियान की समीक्षा की गई। संघ के पदाधिकारियों ने अभियान को सफल बताते हुए सभी क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं एवं मजदूरों का आभार व्यक्त किया।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि JBCCI- XII के गठन की मांग को और मजबूत करने के लिए आंदोलन का तीसरा चरण 17 अगस्त से 23 अगस्त, 2026 तक चलाया जाएगा। इस दौरान Coal India और SCCL की सभी इकाइयों में विशाल मजदूर सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों को संगठन के राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय यूनियन नेताओं द्वारा संबोधित किया जाएगा। इसके लिए संगठन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।

Advertisement

इसे भी पढ़ें: NCWA- XII पर संकट! हाईकोर्ट का मामला और लेबर कोड्स क्या रोक देंगे JBCCI- XII का गठन?

बैठक में ABKMS-BMS ने आरोप लगाया कि Coal India प्रबंधन चारों लेबर कोड लागू करने की प्रक्रिया में अनावश्यक जल्दबाजी कर रहा है, जबकि देश के अन्य सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में ऐसी स्थिति नहीं है। संगठन का कहना है कि JBCCI- XII के गठन और मजदूरों के वैधानिक अधिकारों पर निर्णय से पहले लेबर कोड लागू करने की दिशा में बढ़ना कर्मचारियों के हितों के विपरीत है।

संघ ने कहा कि यदि Coal India प्रबंधन समय रहते सकारात्मक पहल नहीं करता और मजदूरों के वैध अधिकारों पर निर्णय नहीं लेता, तो इससे औद्योगिक संबंध प्रभावित हो सकते हैं तथा उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। संगठन ने प्रबंधन से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।

बैठक में संगठनात्मक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। ABKMS से संबद्ध पंजीकृत यूनियनों के बीच बेहतर समन्वय, विभिन्न कंपनियों के बोर्ड स्तर पर संगठन के निर्देशों के अनुरूप कार्य करने तथा मजदूर हितों के मुद्दों को मजबूती से उठाने पर सहमति व्यक्त की गई।

इसे भी पढ़ें: Coal Crime Files – Episode 8 : कोयला डिपो का अवैध कारोबार, अस्थायी भंडारण से अवैध सप्लाई तक

बैठक में BMS के कोयला उद्योग प्रभारी के. लक्ष्मा रेड्डी, सह प्रभारी सुधीर घुर्डे, ABKMS अध्यक्ष संजय चौधरी, महामंत्री सुजीत सिंह, अशोक मिश्रा, केके सिंह, आशीष मूर्ति, वर्षा पुदके, माधव नायक, अंगद उपाध्याय, जयंत असोले, मंगेश अजमेर सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join

IndustrialPunch | The Voice of Industry & Workforce

Advertisement
कोल इंडिया की 10 मेगा माइंस ने Q1 में बनाया रिकॉर्ड, SECL, NCL और MCL की खदानों का दबदबा भारत के सर्वाधिक कोयला भंडार वाले सात राज्यों के बारे में जानें: वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान कोल इंडिया ने डिस्पैच का टारगेट भी किया कम, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया लक्ष्य कोल इंडिया ने घटाया लक्ष्य, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया टारगेट